बिना तलाक दिए पति या पत्नी के लिव-इन रिलेशन में रहने को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध करार दिया है। कोर्ट के अहम फैसले में लिव-इन रिलेशन में रह रही तीन बच्चों की मां को सुरक्षा एवं संरक्षण देने से भी इंकार कर दिया है कोर्ट ने बताया कि, बिना तलाक दिए पति या पत्नी से अलग होकर लिव-इन रिलेशन में रहने वाले लोगों को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। कोर्ट ने इस याचिका को भी खारिज कर दिया है
बता दें कि, हाई कोर्ट ने 2016 में यह आदेश दिया था की शादीशुदा महिला गैर पुरुष के साथ लिव-इन रिलेशन में नहीं रह सकती यदि कोई ऐसा करता है तो उसे कानूनी संरक्षण नहीं दिया जा सकता है।
मिर्जापुर की महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति कुमार ने आदेश दिया था। वहीं एक याचिकाकर्ता ने याचिका देकर बिना तलाक दिए पति पत्नी लिव इन रिलेशनशिप को लेकर कानूनी संरक्षण देने की बात की थी।