मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि Form-7 की प्रक्रिया का दुरुपयोग कर अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने की सोची-समझी साजिश है।
यह मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब एक कथित ऑडियो क्लिप सामने आई। इस ऑडियो में एक व्यक्ति खुद को भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता बताते हुए फर्जी तरीके से वोटरों के नाम कटवाने की बात स्वीकार करता सुनाई देता है। कांग्रेस ने इस ऑडियो को साजिश का ठोस सबूत बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि Form-7 के माध्यम से विशेष वर्गों को टारगेट कर उनके मतदान अधिकार छीनने की कोशिश की जा रही है। पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए गरीब, SC/ST और अल्पसंख्यक मतदाताओं को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, जिससे चुनावी संतुलन प्रभावित हो सकता है।
कांग्रेस नेता अमित शर्मा ने इस मामले पर कड़ा बयान देते हुए कहा, “ये Form-7 के ज़रिए गरीब, SC/ST और अल्पसंख्यक वोटरों को टारगेट करने की साजिश है। जो ऑडियो सामने आया है, वह इसका स्पष्ट सबूत है। यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है और कांग्रेस इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी।”
कांग्रेस ने राज्य निर्वाचन तंत्र और प्रशासन से मांग की है कि लीक ऑडियो की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। पार्टी का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह मामला प्रदेशभर में बड़ा जनआंदोलन का रूप ले सकता है।