हाथरस गैंगरेप मामले को लेकर भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने योगी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। चंद्रशेखर ने आरोप लगाया है कि योगी सरकार आरोपियों को बचाने में जुटी है।
चंद्रशेखर आजाद से जब हाथरस गैंगरेप मामले में प्रशासन द्वारा छिपाने और पीड़ित परिवार को ही प्रताडि़त किए जाने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘छिपाने का प्रयास तो किया ही जा रहा है।
अगर छिपाने का प्रयास नहीं किया तो चोरों की तरह बेटी के शव को, जिसको लेकर देश में आक्रोश था, ऐसे जलाया नहीं जाता। उत्तर प्रदेश सरकार किसी भी तरह से अपराधी को बचाने में लगी है। कुछ अधिकारी-कर्मचारी सस्पेंड किए गए हैं, उनसे कुछ नहीं होने वाला क्योंकि वो वही कर रहे थे जो सीएम उनको कह रहे थे।
सँविधान में हर नागरिक को जीने का अधिकार दिया है, जिसमें आत्म रक्षा का अधिकार शामिल है। हमारी माँग है कि देश में 20 लाख बहुजनों को हथियारों के लाइसेंस तत्काल दिया जाए। हमें बंदूक़ और पिस्तौल ख़रीदने के लिए 50% सब्सिडी सरकार दे। हम अपनी रक्षा खुद कर लेंगे। #Gun_Licence_For_Bahujan
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) October 3, 2020
उन्होंने आगे कहा, ‘जिस तरह से पीड़ित परिवार को बंधक बनाकर रखा गया, परिवार से मीडिया को नहीं मिलने दिया गया, जैसे उत्तर प्रदेश में घुसते ही मूल अधिकार खत्म हो जाते हैं, जिस तरह से एडीजी का बयान आता है कि रेप नहीं हुआ है, जिस तरह से नार्को टेस्ट की बात हो रही है, तो मुझे लगता है कि कहीं न कहीं ये उसी ट्रैक पर केस आ रहा है, जैसे उन्नाव वाले केस में हुआ था कि पीड़िता के चाचा को ही बंद कर दिया जाता है।
उत्तरप्रदेश में रामराज्य है। रामराज्य का सच आज पूरा देश देख रहा है। आज हाथरस में पीड़ित बेटी के परिवार को नही न्याय को, बंधक बनाया गया है। इस तानाशाही का जवाब सरकार को देना होगा। आज शाम 5 बजे जंतर मंतर।
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) October 2, 2020
बीजेपी नेता के मामले में हुआ था कि लड़की पर ही मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था। इस मामले में भी यही सब कुछ हो रहा है। पीड़ित परिवार पर आरोप लगाकर सरकार ये दिखाना चाहती है कि उत्तर प्रदेश में अपराध नहीं हो रहा, लोग राजनीति कर रहे हैं।
चंद्रशेखर आजाद ने आगे कहा, ‘लोकतंत्र तो है, संविधान भी है लेकिन तानाशाही भी है. यूपी सरकार कह रही है कि धारा 144 लगी है, वहीं पड़ोस में आरोपियों के पक्ष में पंचायत हो जाती है। भेदभाव तो हो रहा है। अब ये नार्को टेस्ट की जो मांग है, ये भी तो आरोपी पक्ष की है, जो मुख्यमंत्री ने पूरी कर दी।
यूपी सरकार ने पहले फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार की फिर जब हमने सफदरजंग हॉस्पिटल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने की मांग की तो आनन फानन में बॉडी को कचरे की तरह जला दिया। देश मे पहली बार पीड़ित परिवार का होगा नार्को टेस्ट, मुझे शक है कल पीड़ित परिवार को हो दोषी बना देगी सरकार।
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) October 3, 2020
पीड़ितों की मांग तो नहीं पूरी कर पा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में एक जाति का घमंड बना हुआ है कि मुख्यमंत्री हमारी जाति का है कि हमारा कुछ नहीं हो सकता है और इन दलितों को हम देख लेंगे। वो लोग दलितों पर अत्याचार कर रहे हैं और CM उनको बचा रहे हैं।
मैंने दलित समाज से कल भी मांग की थी कि वो लोग सफाई का काम बंद कर दें क्योंकि हम इनकी गंदगी तो साफ कर रहे हैं लेकिन इनकी मानसिक गंदगी जो सरकार के दिमाग में बैठी हुई है, वो साफ नहीं हो रही है। ऐसे मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। प्रधानमंत्री अपनी चुप्पी तोड़ें।’
उन्होंने अपने ट्वीट में योगी सरकार पर आरोप लगते हुए कहा कि यूपी सरकार ने पहले फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार की फिर जब हमने सफदरजंग हॉस्पिटल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने की मांग की तो आनन फानन में बॉडी को कचरे की तरह जला दिया।
देश मे पहली बार पीड़ित परिवार का होगा नार्को टेस्ट, मुझे शक है कल पीड़ित परिवार को हो दोषी बना देगी सरकार।
यूपी सरकार ने पहले फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार की फिर जब हमने सफदरजंग हॉस्पिटल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने की मांग की तो आनन फानन में बॉडी को कचरे की तरह जला दिया। देश मे पहली बार पीड़ित परिवार का होगा नार्को टेस्ट, मुझे शक है कल पीड़ित परिवार को हो दोषी बना देगी सरकार।
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) October 3, 2020
आप को बता दे कि इस मामले में अबतक मुख्य आरोपी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच एसआईटी कर रही है। इस मामले में हाथरस एसपी, थाना इंचार्ज समेत 7 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।