नई दिल्ली : भाई दूज (Bhai Dooj 2021) भाई-बहनों का एक प्रमुख त्योहार है, जो हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। बहन इस दिन अपने भाई की लंबी उम्र के लिए पूजा करती है और अपने भाइयों को घर पर भोजन के लिए आमंत्रित करती है। साथ ही, भाई अपनी बहन को यथासंभव दान देता है।
शुभ मुहूर्त में करें पूजा :
सुबह 10.46 से दोपहर 01.34 तक
दोपहर 01.10 से 03.21 तक
पूजा विधि
1) सबसे पहले बहन-भाई दोनों मिलकर यम, चित्रगुप्त और यम के दूतों की पूजा करें तथा सबको अर्घ्य दें। बहन भाई की आयु-वृद्धि के लिए यम की प्रतिमा का पूजन कर प्रार्थना करें कि मार्कण्डेय, हनुमान, बलि, परशुराम, व्यास, विभीषण, कृपाचार्य तथा अश्वत्थामा इन आठ चिरंजीवियों की तरह मेरे भाई को भी चिरंजीवी कर दें।
2) इसके बाद बहन भाई को भोजन कराए। भोजन के बाद भाई की तिलक लगाएं। इसके बाद भाई यथाशक्ति बहन को भेंट दें। ऐसा विश्वास है कि इस दिन बहन अपने हाथ से भाई को भोजन कराए तो उसकी उम्र बढ़ती है और उसके जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
पूजा कथा:
धर्म ग्रंथों के अनुसार, कार्तिक शुक्ल द्वितीया के दिन ही यमुना ने अपने भाई यम को अपने घर बुलाकर सत्कार करके भोजन कराया था। इसीलिए इस त्योहार को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है।
तब यमराज ने प्रसन्न होकर उसे यह वर दिया था कि जो व्यक्ति इस दिन यमुना में स्नान करके यम का पूजन करेगा, मृत्यु के पश्चात उसे यमलोक में नहीं जाना पड़ेगा। आपको बता दें कि सूर्य की पुत्री यमुना समस्त कष्टों का निवारण करने वाली देवी स्वरूपा है। वहीं उनके भाई मृत्यु के देवता यमराज हैं। यम द्वितीया के दिन यमुना नदी में स्नान करने और वहीं यमुना और यमराज की पूजा करने का बड़ा माहात्म्य माना जाता है।
आपको बता दें कि इस दिन बहन अपने भाई को तिलक कर उसकी लंबी उम्र के लिए हाथ जोड़कर यमराज से प्रार्थना करती है। स्कंद पुराण में लिखा है कि इस दिन यमराज को प्रसन्न करने से पूजन करने वालों को मनोवांछित फल मिलता है। धन-धान्य, यश एवं दीर्घायु की प्राप्ति होती है।
बता दें कि इस बार भाई दूज 6 नवंबर यानी रविवार को है। इस त्योहार को भाई दूज या भैया दूज के अलावा भाई टीका, यम द्वितीया, भ्रातृ द्वितीया जैसे आदि कई नामों से जाना जाता है।