मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक समृद्धता और राष्ट्रीय चेतना के निर्माण में बंगाली समाज का ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि प्रकृति में बसंत ऋतु को ऋतुओं का राजा माना गया है और यह प्रसन्नता का विषय है कि बसंत पंचमी के पावन अवसर पर ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती भी मनाई जाती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बसंत पंचमी की बधाई देते हुए नेताजी को नमन किया। वे जबलपुर में सिद्धि बाला बोस लाइब्रेरी एसोसिएशन (सिटी बंगाली क्लब) के शताब्दी वर्ष समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा” का नारा देकर जनसामान्य को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ा। आज़ाद हिंद फौज के माध्यम से उन्होंने भारत की स्वतंत्रता संग्राम में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी कहा कि जबलपुर की धरती से नेताजी का विशेष ऐतिहासिक जुड़ाव रहा है। यदि वे कुछ वर्षों तक कांग्रेस का स्थायी नेतृत्व करते, तो संभव है कि देश को विभाजन का दंश न झेलना पड़ता।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिटी बंगाली क्लब परिसर में स्थापित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का अनावरण किया तथा क्लब में शताब्दी स्तंभ का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिद्धि बाला बोस लाइब्रेरी एसोसिएशन ने अपने 100 गौरवशाली वर्षों की स्मृतियों को संजोकर रखा है। इस संस्था ने न केवल बंगाली समाज, बल्कि जबलपुर की कला, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सिटी बंगाली क्लब की ख्याति ऐसी रही है कि स्वयं नेताजी यहां पधारे थे। क्लब ने बालिका शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए हैं और राज्य सरकार शिक्षा के हर प्रयास में संस्था के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रद्धेय बंकिमचंद्र चटर्जी ने वंदेमातरम् की रचना कर देशवासियों को एक सूत्र में पिरोया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर देश की एकता को मजबूत किया गया और आज कश्मीर भारत का मुकुट बन रहा है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं रसायन मंत्री जे.पी. नड्डा ने बसंत पंचमी की शुभकामनाएं देते हुए नेताजी को नमन किया। उन्होंने कहा कि नेताजी 1939 में जबलपुर आए थे और भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी सिटी बंगाली क्लब से जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी में बंगाल की भूमिका को कभी भुलाया नहीं जा सकता। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वंदेमातरम् के 150 वर्ष, कर्तव्य पथ पर नेताजी की प्रतिमा स्थापना, बंगाली भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा और दुर्गा पूजा को यूनेस्को में शामिल कराना बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने के उदाहरण हैं।
कार्यक्रम में बताया गया कि सिद्धि बाला बोस लाइब्रेरी एसोसिएशन, यानी सिटी बंगाली क्लब, प्रदेश की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी बंगाली संस्था है। यहां प्रदेश की एकमात्र सुव्यवस्थित बांग्ला लाइब्रेरी है, जिसकी स्थापना 1925 में जबलपुर नगर निगम के प्रथम अध्यक्ष राय बहादुर प्रभात चंद्र बोस ने की थी। संस्था द्वारा 95 वर्षों से गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल का संचालन किया जा रहा है, जो बालिका शिक्षा के प्रति इसकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
कार्यक्रम में सांसद आशीष दुबे, विधायक अभिलाष पांडे, विधायक अशोक रोहाणी, महापौर जगत बहादुर सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में बंगाली समाज के लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बंगाली समाज की सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रभक्ति और शिक्षा के प्रति समर्पण भारत को सशक्त बनाने की प्रेरणा देता रहेगा।