रिपोर्ट: गीतांजली लोहनी
नई दिल्ली: भारतीय संस्कृति मे गोस्वामी तुलसीदास रचित श्री रामचरित मानस एक विशेष स्थान रखती है। आज हम आपको रामचरित मानस में लिखे एक श्लोक के बारें में बताएंगे जो स्त्रियों के अवगुण को दर्शाता है।
दरअसल, श्रीरामचरित मानस के अनुसार सीता हरण के बाद जब श्रीराम वानर सेना लेकर समुद्र को पार कर लंका पहुंच गए थे, तब रावण की पत्नी मंदोदरी डर गयी थी और वह रावण को समझाने लगी कि वह युद्ध ना करें और श्रीराम से क्षमा मांगते हुए सीता को उन्हें लौटा दें। डर में मंदोदरी का श्रीराम से क्षमा मांगने की बात कहने पर रावण ने उनका मजाक बनाते हुए कहा कि-
नारि सुभाऊ सत्य सब कहहीं। अवगुन आठ सदा उर रहहीं।
साहस अनृत चपलता माया। भय अबिबेक असौच अदाया।
रावण द्वारा बोले गए इस दोहे में रावण ने मंदोदरी को स्त्रियों के 8 अवगुणों के बारे में बताया है, वो अवगुण कुछ इस प्रकार है-
बहुत ज्यादा साहस
रावण के अनुसार स्त्रियों में साहस तो बहुत ज्यादा होता हैं, लेकिन अपने साहस के कारण स्त्रियां कई बार ऐसे काम कर देती हैं, जिससे बाद में उनके और उनके परिवार को पछताना पड़ता हैं।
झूठ बोलना
स्त्रियाँ को बात-बात पर झूठ बोलने की आदत होती है जिस कारण अक्सर इन्हें परेशानियों का भी सामना करना पड़ता हैं। कभी भी झूठ अधिक समय तक छिप नहीं सकता हैं। सच एक दिन सामने आ ही जाता है।
चंचलता
स्त्रियों का मन पुरुषों की तुलना में अधिक चंचल होता हैं। इसी वजह से वे किसी एक बात पर लंबे समय तक टिक नहीं सकती हैं। पल-पल में स्त्रियों के विचार बदलते हैं। इसी वजह से वे अधिकांश परिस्थितियों में सही निर्णय नहीं ले पाती हैं।
माया रचना
स्त्रियां अपने स्वार्थों को पूरा करने के लिए कई प्रकार की माया रचती हैं। किसी व्यक्ति से अपने काम करवाने के लिए तरह-तरह के प्रलोभन देती हैं, रूठती है, मनाती हैं। यह सब माया है। यदि कोई पुरुष इस माया में फंस जाता हैं तो वह स्त्री के वश में हो जाता हैं।
डरपोक होना
कभी-कभी स्त्रियां अनावश्यक रूप से बहुत ज्यादा डर जाती हैं और इस वजह से उनके द्वारा कई काम बिगड़ जाते हैं। स्त्री बाहरी तौर पर साहस दिखाती हैं, लेकिन इनके मन में भय होता हैं।
अविवेकी स्वभाव यानी मूर्खता
कुछ परिस्तिथियों में स्त्रियां अविवेकी स्वाभाव के कारण मूर्खता पूर्ण काम कर देती है। अधिक साहस होने की वजह से और खुद को श्रेष्ठ साबित करने के लिए ऐसे काम कर दिए जाते हैं जो कि भविष्य में मूर्खतापूर्ण सिद्ध होते हैं।
निर्दयता
रावण के अनुसार सातवीं बात है निर्दयता यानी स्त्रियां यदि दयाहीन हो जाएं तो वो पुरुष को भी पीछे छोड़ सकती हैं।
अपवित्रता
कुछ स्त्रियों में अपवित्रता यानी साफ़-सफाई का अभाव होता है। ये भी महिलाओं में पाया जाने वाला एक अवगुण ही है।