नई दिल्ली : लापता बच्चे की तलाश करते-करते पुलिस के हाथ एक ऐसी डायरी लगी, जिसने न सिर्फ लापता बच्चे को खोजने में मदद की, बल्कि आरोपी का भी पहचान कराया। हालांकि इस डायरी पर कुछ ऐसे शब्द लिखें थे जिसे पढ़कर पुलिस भी हैरान है। आपको बता दें कि पुलिस ने इस डायरी के कुछ पन्नों को शेयर किया है, जिसमें लिखा है मैं बुरा हूं। मैं क्रूर हूं। मैं दुष्ट हूं। मुझे नहीं पता कि किसी को कैसे महत्व दिया जाए। मैं एक दुष्ट बेटा हूं।

आपको बता दें कि ये खबर ब्राजील की है, जहां एक मां ने अपने सात साल के बच्चे की गुमशुदगी का रिपोर्ट दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस बच्चे को खोजने में जुट गई। वहीं जब पुलिस इस मामले में बच्चे के घर पर छानबीन कर रहीं थी तो यह डायरी पुलिस के हाथ लगी। फिर उन्होंने शक के आधार पर बच्चे की मां से पूछताछ किया।
मां ने कबूला अपना जुर्म
पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की तो बच्चे की मां यास्मीन ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि बच्चे को बैग में डालने और उसे नदी में फेंकने से पहले उसे एंटीडिप्रेसेंट के साथ नशीला पदार्थ दिया था। लेकिन मिगुएल के लापता होने की रिपोर्ट उसने गायब होने के दो दिन बाद लिखवाई।

ब्राजील की पुलिस का मानना है कि मिगुएल की 26 साल की मां यास्मीन बेटे को ‘मैं बेवकूफ हूं’ जैसी लाइनें लिखने के लिए मजबूर करती थी। उसे मारती थी। हत्या से पहले भी उसने ऐसा ही किया होगा।
दरअसल, तलाक के बाद बेटे की जिम्मेदारी मां के पास आ गई थी। इसी से नाराज होकर उसने हत्या का प्लान बनाया। मां अपने प्रेमी के साथ रहती थी। पुलिस को एक वीडियो भी मिला है जिसमें उसकी मां का प्रेमी भी बच्चे को डांट रहा है।

पुलिस ने बताया कि बच्चा कुपोषित था। वह स्कूल तो जाता था, लेकिन स्कूल में उसके कोई दोस्त नहीं थे। उसे घर के एक कमरे में बंद कर दिया गया था। कई बार तो बांध कर रखा जाता था। जुर्म कबूल करने के बाद पुलिस ने घर की तलाशी ली, जिसमें एक चेन मिली जिसका इस्तेमाल मिगुएल को अलमारी में बांधने के लिए किया गया था। उसका शव अभी तक नहीं मिला है।
बता दें कि पुलिस के हाथ लगी डायरी के पन्नें मैं बुरा हूं। मैं क्रूर हूं। मैं दुष्ट हूं। मुझे नहीं पता कि किसी को कैसे महत्व दिया जाए। मैं एक घटिया बेटा हूं जैसी लाइनों से भरे पड़े हैं।