यूपी के बलिया में नर्सिंग होम से रुपयों के बाबत नवजात को बेचने की बात प्रकाश में आने के उपरांत तत्काल कार्यवाही करते हुए शहर कोतवाली पुलिस ने बांसडीह ऱोड थाना क्षेत्र के शंकर पुर गांव से नवजात समेत पाल रही औरत को भी धर दबोचा।
बता दें कि आज दुबहड़ निवासी निरंजन कुमार सिंह पुत्र श्री अजय सिंह ने पुलिस अधीक्षक बलिया को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया और कहा की मेरी सास और मेरी शाली ने दो दिन के नवजात शिशु को शंकर पुर निवासी हमीदा खातून को 80 हजार रूपये में बेच दिया।
प्रार्थना पत्र पर तत्काल पुलिस अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए और मौके पर सीओ सदर, एसएचओ कोतवाली, एसओ महिला थाना मय फ़ोर्स के साथ तत्काल मौके पर पहुचने के लिये निर्देशित किया। मौके पर नवजात की माँ और नानी के साथ पहुंचने पर हमीदा खातून के पास से नवजात को बरामद करने में सफलता मिली।
पुलिस का मानना है कि लड़की अविवाहित है। लोक लाज के डर से और आर्थिक तंगियो के दौरान हमीदा से मिले आर्थिक सहयोग के कारण नवजात को दिया गया था। जबकि गर्भवती महिला से एक माह पूर्व निरंजन सिंह ने गर्भवती महिला को जानते हुए भी स्वीकार किया था। लेकिन बच्चा तस्कर गिरोह सक्रीय रहा और बिन ब्याही माँ के बच्चे को एक दूसरे धर्म की महिला को दिला दिया।
नवजात बच्चे के बेचने के मामले में पकड़ी गई महिला ने बताया कि मुझे बच्चा नही हो रहा तो कुछ लोगो ने मुझसे संपर्क किया और बताया कि दो तीन माह बाद आपका बच्चा दिया जायेगा। तबसे मैं इस बिन ब्याही माँ के संपर्क में थी और गर्भ में पल रहे बच्चे की देखरेख कर रही थी। डॉक्टर शशिकला सिंह के यहाँ इलाज में हुए सारे पैसे का भुगतान मेरे द्वारा किया गया और मै नर्सिंग होम से ही बच्चे को लेकर चली आई।