महाराष्ट्र बीजेपी के नेता आशीष शेलार ने गुरुवार को मीडिया से बात करते समय कहा शिवसेना के भगवा झंडे को पवित्र करने की आवश्यकता है, क्योंकि पार्टी ने हिन्दुत्व के एजेंडे को छोड़कर राकांपा और कांग्रेस से हाथ मिला लिया है।
शेलार की टिप्पणी शिवसेना नेता संजय राउत की ओर से बीजेपी के झंडे पर कथित रूप से की गई संवेदनशील टिप्पणी के बाद आयी है। राजग में बीजेपी की गठबंधन सहयोगी रही शिवसेना ने पिछले साल नवंबर में विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस और राकांपा से हाथ मिला लिया। राज्य में फिलहाल शिवसेना-कांग्रेस-राकांपा गठबंधन की महा विकास अघाड़ी की सरकार है, जिसके मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे हैं।
शेलार ने कहा, ‘‘शिवसेना के काम करने का तरीका लोकतांत्रिक नहीं है और उनकी सोच ब्रिटिश (औपनिवेशिक) है। इसलिए उन्हें सिर्फ यूनियन जैक (ब्रिटेन का झंडा) नजर आता है। शिवसेना के झंडे को पवित्र करने की आवश्यकता है क्योंकि उसने (पार्टी) हिन्दुत्व के एजेंडे को त्याग दिया है।’’
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के 2022 में होने वाले चुनाव के संदर्भ में भाजपा नेता ने विश्वास जताया कि पार्टी चुनाव जरुर जीतेगी। फिलहाल बीएमसी पर शिवसेना का कब्जा है।
शेलार ने आगे कहा, ‘‘हम मुंबई (बीएमसी) का चुनाव जीतेंगे शिवसेना की सीटों की संख्या 110 (2012 में) से कम होकर पिछली बार (2017) दहाई अंक में आ गई। लेकिन भाजपा की सीट संख्या 31 से बढ़कर 84 हो गई। हम मुंबई के विकास के लिए यह चुनाव जीतेंगे।’’
कांग्रेस विधायकों को विकास निधि आवंटित किए जाने संबंधी राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट के तथा-कथित बयान के बारे में शेलार ने कहा कि गठबंधन सहयोगियों को शिवसेना-नीत सरकार में सम्मान नहीं मिल रहा है। थोराट महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रमुख भी हैं।
बिजली की बढ़ती दरों के मुद्दे पर बीजेपी के राज ठाकरे की पार्टी मनसे का समर्थन किए जाने पर शेलार ने कहा, ‘‘राज्य सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बेवकूफ बनाया है और उन्हें कोई राहत नहीं दी है। मनसे ने इसपर विरोध किया और हमने उनका साथ दिया।’’
आप को बता दे कि शेलार औरंगाबाद जिले के स्नातक खंड से महाराष्ट्र विधान परिषद के लिए चुनाव लड़ रहे बीजेपी उम्मीदवार शिरीष बोराल्कर के पक्ष में प्रचार कर रहे थे। मतदान एक दिसंबर को होना है।