Trump Tariff : अमेरिका द्वारा भारत पर 25% आयात शुल्क लगाने के फैसले का व्यापक असर बिहार के निर्यात कारोबार पर पड़ेगा। विशेष रूप से मखाना, बासमती चावल, हल्दी, आम, लीची, कपड़ा और मिथिला पेंटिंग जैसे उत्पाद, जो मुख्यतः अमेरिका को भेजे जाते हैं, अब महंगे हो जाएंगे। वर्तमान में इन वस्तुओं पर 0% से 10% के बीच टैरिफ है, लेकिन 1 अगस्त से लागू होने वाले नए टैरिफ के चलते इनकी कीमतों में तेज़ वृद्धि होगी।
मखाना और लीची का निर्यात गिरने का खतरा: ट्रंप के टैरिफ से अमेरिका में इनकी कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे मांग घट सकती है और निर्यात में गिरावट आ सकती है।
बिहार से सबसे अधिक मखाना अमेरिका को निर्यात होता है। अब तक इस पर 3.5% आयात शुल्क था, जो बढ़कर 25% हो जाएगा। इससे अमेरिका में मखाने की कीमतों में भारी उछाल आएगा। वर्तमान में मखाना अमेरिका में 8,000 रुपये/किलो और कच्चा मखाना 7,000 रुपये/किलो में बिकता है। निर्यातकों का कहना है कि अब अमेरिकी आयातक 25% कीमत कम करने की मांग करेंगे, जो संभव नहीं होगा।
हाल ही में बिहार से 600 टन मखाना निर्यात हुआ था, जिसमें से 25% अमेरिका गया। कुल 150 करोड़ रुपये के इस व्यापार में अमेरिका सबसे बड़ा ग्राहक है, इसके बाद नेपाल (14%) और UAE (8%) हैं। बासमती चावल, आम और लीची का निर्यात खाड़ी देशों व यूरोप में होता है, इसलिए उन पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका है।