रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: कोरोना महामारी के दूसरे लहर का कहर धीमा पड़ गया है। सरकार महामारी को मात देने के लिए तेजी के साथ वौक्सीनेशन करवा रही है। इसके साथ ही सरकार काफी सतर्क भी हो गई है। कहीं से भी कोई कोताही नहीं बरतना चाह रही है। देश के सबसे कठिन और यादगार तीर्थ यात्राओं में से एक अमरनाथ यात्रा को महामारी के कारण ही रद्द करने का फैसला लिया है।
जो श्रद्धालुओं बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन के लिए अमरनाथ यात्रा शुरु करने का इंतजार कर रहे थे, उनको अब अगले साल का इंतजार करना पड़ेगा। जम्मू कश्मीर प्रशासन ने इस साल अमरनाथ यात्रा रद्द करने का फैसला लिया है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इसका ऐलान किया है। जम्मू कश्मीर प्रशासन की मानें तो बाबा बर्फानी के ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था की जाएगी।
श्रद्धालु घर बैठे ही बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि कोरोना को देखते हुए इस साल अमरनाथ यात्रा रद्द करने का फैसला जनता के व्यापक हित में लिया गया।
आपको बता दें कि इस साल यात्रा शुरू होने की तारीख 28 जून प्रस्तावित थी, लेकिन यात्रा शुरु होने के 8 दिन पहले ही रद्द कर दिया गया।
हिमालय के ऊंचाई वाले हिस्से में 3880 मीटर ऊंचाई पर स्थित भगवान शिव की गुफा के लिए 56-दिवसीय यात्रा 28 जून को पहलगाम और बालटाल मार्गों से शुरू होनी थी। यह यात्रा 22 अगस्त को समाप्त होती। उप राज्यपाल मनमोज सिन्हा ने दो दिन पहले कहा था कि, मैं पहले ही कह चुका चुका हूं कि लोगों की जान बचाना ज्यादा जरूरी है। कोविड महामारी को ध्यान में रखते हुए हम जल्द ही इस पर फैसला करेंगे। जब उनसे पूछा गया कि कब तक इस पर निर्णय लिया जाएगा तो उन्होंने कहा शायद कल तक। 2020 में महामारी के कारण तीर्थयात्रा रद्द कर दी गई थी।