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शाजापुर में गौवंश की मौत के बाद विद्युत विभाग सक्रिय, सुधार कार्य शुरू

शाजापुर के ग्राम आला उमरोद में करंट से गोवंश की मौत के बाद ग्रामीणों और गौरक्षा सेना ने विरोध किया। आंदोलन की चेतावनी के बाद विद्युत विभाग ने सुबह 8 बजे सुधार कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने स्थायी समाधान और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।

By: Nivedita 
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शाजापुर में गौवंश की मौत के बाद विद्युत विभाग सक्रिय, सुधार कार्य शुरू

शाजापुर।  ग्राम आला उमरोद में विद्युत करंट की चपेट में आकर गोवंश और गौमाताओं की मौत की घटनाओं के बाद ग्रामीणों और गौरक्षा सेना में आक्रोश देखने को मिला। लगातार हो रही घटनाओं को लेकर ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाए थे।

आंदोलन से पहले विभाग ने शुरू किया सुधार कार्य

24 जून को प्रस्तावित गौरक्षा सेना के रोड जाम आंदोलन से पहले ही मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी (MPPKVVCL) की टीम सुबह 8 बजे मौके पर पहुंची और समस्या के समाधान के लिए सुधार कार्य शुरू कर दिया। इससे क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था को सुरक्षित करने की दिशा में कार्रवाई तेज हुई।

पहले सौंपा गया था ज्ञापन, स्थायी समाधान की मांग

इससे पूर्व गौरक्षा सेना, स्थानीय गौसेवकों और ग्रामीणों ने कनिष्ठ यंत्री ग्रामीण पवन पाटीदार को ज्ञापन सौंपकर समस्या के स्थायी समाधान की मांग की थी। ज्ञापन में बताया गया कि हनुमान मंदिर के पास स्थित विद्युत पोल और लाइन में करंट प्रवाहित होने से हाल ही में बारिश के दौरान एक गोवंश और एक गौमाता की मृत्यु हो चुकी है।

लगातार घटनाओं से ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश

ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे आक्रोश और बढ़ गया। 23 जून को भी एक गौमाता करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई थी।

 

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग

ज्ञापन में विद्युत लाइनों की मरम्मत, खुले तारों को सुरक्षित करने, डीपी और पोल की जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई तथा शिव मंदिर के पीछे स्थित डीपी के चारों ओर फेंसिंग निर्माण की मांग की गई है।

ग्रामीणों ने किया विभागीय कार्रवाई का स्वागत

गौरक्षा सेना और ग्रामीणों ने विभाग द्वारा शुरू किए गए सुधार कार्य का स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने कहा है कि जब तक स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक वे निगरानी बनाए रखेंगे ताकि भविष्य में किसी गोवंश या ग्रामीण की जान जोखिम में न पड़े।

 

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