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मध्यप्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग के लिए बन रहा मजबूत ईको सिस्टम : CM डॉ. मोहन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। मजबूत औद्योगिक आधार, ईवी पॉलिसी 2025 और सस्ती बिजली से निवेश और रोजगार के नए अवसर बढ़ रहे हैं।

By: Abhinav Tiwari 
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मध्यप्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग के लिए बन रहा मजबूत ईको सिस्टम : CM डॉ. मोहन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। राज्य सरकार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए मजबूत औद्योगिक आधार, आधुनिक परीक्षण अधोसंरचना, ऊर्जा उपलब्धता और निवेश अनुकूल नीतियों के माध्यम से एक सशक्त ईको सिस्टम विकसित कर रही है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2025 और इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी 2025 के माध्यम से ईवी और उससे जुड़े कम्पोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को व्यापक प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इससे प्रदेश में निवेश, उत्पादन और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ने की संभावना है।

वैश्विक स्तर पर बढ़ रही इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर ऑटोमोबाइल उद्योग तेजी से इलेक्ट्रिफिकेशन की दिशा में आगे बढ़ रहा है और भारत भी इस बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार है और यह क्षेत्र देश की जीडीपी में लगभग 7 प्रतिशत योगदान देता है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के साथ बैटरी तकनीक, अनुसंधान एवं विकास, सॉफ्टवेयर, मेंटेनेंस और अन्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर विकसित हो रहे हैं।

पीथमपुर ऑटोमोबाइल क्लस्टर और नैट्रैक्स से मिला तकनीकी आधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश इस वैश्विक परिवर्तन को अवसर के रूप में देखते हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल और ऑटोमोबाइल कम्पोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए स्वयं को एक मजबूत औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित कर रहा है। प्रदेश का पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र देश के प्रमुख ऑटोमोबाइल क्लस्टर्स में शामिल है, जहां 200 से अधिक ऑटोमोबाइल कम्पोनेंट निर्माता संचालित हैं और हजारों लोगों को रोजगार मिला है। इसके अलावा एशिया का सबसे बड़ा ऑटोमोटिव परीक्षण ट्रैक नैट्रैक्स (NATRAX) उद्योगों को आधुनिक परीक्षण और अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध कराता है, जिससे ऑटोमोबाइल और ईवी उद्योग को मजबूत तकनीकी आधार मिला है।

ईवी पॉलिसी 2025 से विकसित होगी पूरी सप्लाई चेन

राज्य सरकार द्वारा लागू इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2025 का उद्देश्य ईवी और उससे जुड़े कम्पोनेंट के लिए संपूर्ण सप्लाई चेन विकसित करना है। इस नीति के तहत बैटरी निर्माण, वाहन असेंबली और रीसाइक्लिंग जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक ट्रकों जैसे उभरते सेगमेंट को बढ़ावा देने के लिए मोटर व्हीकल टैक्स और पंजीयन शुल्क में छूट जैसे प्रावधान भी किए गए हैं, जिससे इस क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।

औद्योगिक प्रोत्साहन से बढ़ेंगे निवेश और रोजगार

इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी 2025 के तहत उद्योगों को पूंजी अनुदान, भूमि रियायत, निर्यात परिवहन सहायता तथा हरित और अनुसंधान निवेश के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इन नीतियों के माध्यम से राज्य में ईवी और उससे जुड़े उद्योगों के लिए निवेश का अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश ऊर्जा के मामले में अधिशेष राज्य है और यहां बिजली दरें भी अपेक्षाकृत कम हैं, जिससे ईवी मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों और चार्जिंग अधोसंरचना के संचालन के लिए आर्थिक रूप से व्यवहारिक परिस्थितियां उपलब्ध होती हैं।

भारत में तेजी से बढ़ रहा इलेक्ट्रिक व्हीकल बाजार

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में दोपहिया वाहनों की बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 6.1 प्रतिशत, तीनपहिया में 23.4 प्रतिशत, यात्री कारों में 2 प्रतिशत और बसों में 5.3 प्रतिशत रही है। इस प्रकार कुल इलेक्ट्रिक व्हीकल बाजार हिस्सेदारी 7.5 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत औद्योगिक अधोसंरचना, आधुनिक परीक्षण सुविधाएं, निवेश अनुकूल नीतियां और ऊर्जा उपलब्धता जैसे कारकों के कारण मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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