मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने राजधानी भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कृषि विभाग की उपलब्धियों और भविष्य की दिशा का विस्तार से प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश आज देश के प्रमुख कृषि राज्यों में शुमार हो चुका है, जिसका श्रेय किसानों की मेहनत और सरकार की किसान हितैषी नीतियों को जाता है।
कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश सोयाबीन और मक्का उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है। इसके साथ ही गेहूं, उड़द, मसूर, चना, सरसों, कुल तिलहन, कुल दलहन, मोटा अनाज और कुल अनाज उत्पादन में मध्यप्रदेश तीसरे स्थान पर है। उन्होंने इसे किसानों की मेहनत और राज्य सरकार की प्रभावी नीतियों का परिणाम बताया।
एदल सिंह कंसाना के अनुसार-
वर्ष 2002-03 में कृषि विभाग का बजट 600 करोड़ रुपये था,
जो बढ़कर वर्ष 2024-25 में 27,050 करोड़ रुपये हो गया है।
प्रदेश का कृषि रकबा भी बढ़कर 297 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। इसके साथ-
प्रधानमंत्री धनधान योजना में 8 जिलों को शामिल किया गया।
पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 84 लाख किसानों को दो किश्तों में 3378 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
मंत्री ने सिंचाई क्षेत्र में हुई प्रगति को प्रदेश की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया।
वर्ष 2002-03 में सिंचाई रकबा 7.5 लाख हेक्टेयर था।
वर्ष 2024-25 तक यह बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर से अधिक हो चुका है।
सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में इसे 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का है, जिससे उत्पादन क्षमता और स्थिरता दोनों बढ़ेंगी।
एदल सिंह कंसाना ने बताया-
29 जिलों के 27.28 लाख किसानों को 1,860.23 करोड़ रुपये राहत राशि
वर्ष 2024-25 में 35 लाख किसानों को 275.86 करोड़ रुपये का फसल बीमा दावा
38.51 लाख किसानों से फसल की खरीद
सोयाबीन भवंतर योजना में 9.36 लाख किसानों का पंजीयन
सरकार ने हर संकट की घड़ी में किसानों के साथ खड़े रहने का भरोसा दोहराया।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव की प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रदेश में जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
जनजातीय क्षेत्रों में “रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना” शुरू की गई है, जिसके तहत- कोदो-कुटकी, और अन्य पारंपरिक फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यह न केवल किसानों की आय बढ़ाएगा, बल्कि पोषण सुरक्षा भी मजबूत करेगा।
खाद की कमी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री कंसाना ने कहा कि विपक्ष जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दावा किया- खाद की कमी के वीडियो प्री-प्लान्ड होते हैं, प्रदेश में खाद, बीज और सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है| मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार किसानों के हितों के लिए पूरी तरह समर्पित है।
प्रेस वार्ता के अंत में कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आने वाले समय में भी कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए नई नीतियां, आधुनिक तकनीक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराती रहेगी, ताकि मध्यप्रदेश देश में कृषि विकास का अग्रणी मॉडल बन सके।