Home क्राइम छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से मुठभेड़ में DRG और CRPF के 5 जवान शहीद, 3 नक्सली ढेर

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से मुठभेड़ में DRG और CRPF के 5 जवान शहीद, 3 नक्सली ढेर

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रिपोर्ट: हरिओम वीर

बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर में शनिवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच तगड़ी मुठभेड़ हो गई, जिसमें 5 जवान शहीद हो गए हैं। इनमें 4 CRPF और एक DRG का जवान है। 3 नक्सलियों के भी मारे जाने की खबर है, इनमें एक महिला है। मुठभेड़ तर्रेम थाना क्षेत्र के जंगलों में हुई। मुठभेड़ में सुरक्षाबलों के 10 जवान घायल भी हो गए हैं।

CRPF, DRG, जिला पुलिस बल और कोबरा बटालियन के जवान सर्चिंग पर निकले थे, तभी अचानक मुठभेड़ शुरु हो गई। एसपी कमल लोचन कश्यप ने मुठभेड़ होने की पुष्टि की है। मुठभेड़ झीरम हमले के मास्टरमाइंड हिड़मा के गांव में हुई है। हमला करने वाले नक्सली उसी की टीम के सदस्य थे। काफी लंबे समय से गांव में नक्सलियों का जमावड़ा लग रहा था। इसकी सूचना पर जवान वहाँ पहुंचे थे।

रेस्क्यू के लिए जंगल में हेलीकॉप्टर भेजे गए..
करीब चार से पांच घंटे तक चली मुठभेड़ शाम 5 बजे खत्म हुई। इसके बाद बैकअप के लिए एक्स्ट्रा फोर्स भेजी गई है। वहीं, शहीद जवानों के शव और घायल जवानों को रेस्क्यू करने के लिए हेलीकॉप्टर भी भेजे गए। शहीद जवानों का पोस्टमार्टम रविवार को होगा।

जवानों को निशाना बनाने के लिए लगाया 8 किलो का IED बरामद
दूसरी ओर गंगालूर क्षेत्र के चेरपाल के पास मोदीपारा में CRPF 85 बटालियन के जवानों ने 8 किलो का IED विस्फोटक बरामद किया है। नक्सलियों ने इसे जवानों को निशाना बनाने के लिए प्लांट किया था। यह विस्फोटक जवानों ने शनिवार सुबह करीब 7.30 बजे बरामद किया है। इसके बाद इसे विस्फोट कर नष्ट कर दिया गया।

ॉनारायणपुर में किया था ब्लास्ट जिसमें 5 जवान शहीद हुए थे…
10 दिन पहले 23 मार्च को नक्सलियों ने नारायणपुर जिले में DRG जवानों से भरी बस में ब्लास्ट कर दिया। इस हमले में 5 जवान शहीद हो गए थे, जबकि 14 घायल हुए थे। ब्लास्ट के दौरान बस में 24 जवान सवार थे। सूचना मिलते ही बैकअप फोर्स को मौके पर रवाना किया गया था। सभी जवान एक ऑपरेशन में शामिल होने के बाद लौट रहे थे।

शांति वार्ता प्रस्ताव के बाद से हमले बढ़े…
नक्सलियों ने 17 मार्च को शांति वार्ता का प्रस्ताव सरकार के सामने रखा था। नक्सलियों ने विज्ञप्ति जारी कर कहा था कि वे जनता की भलाई के लिए छत्तीसगढ़ सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं। उन्होंने बातचीत के लिए तीन शर्तें भी रखी थीं। शर्तों में शामिल थी सशस्त्र बलों को हटाना, माओवादी संगठनों पर लगे प्रतिबंध हटाना और जेल में बंद उनके नेताओं की बिना शर्त रिहाई करना। लेकिन इस शांति वार्ता के बाद हमले और ज्यादा होने लग गए।

आपको बता दें की छत्तीसगढ़ में 10 दिन के अंदर यह दूसरा नक्सली हमला हुआ है। इससे पहले 23 मार्च को हुए हमले में भी 5 जवान शहीद हो चुके थे। यह हमला नक्सलियों ने नारायणपुर में IED ब्लास्ट के जरिए किया गया था। तर्रेम थाने से CRPF, DRG, जिला पुलिस बल और कोबरा बटालियन के जवान संयुक्त रूप से सर्चिंग पर निकले थे। इसी दौरान दोपहर में सिलगेर के जंगल में घात लगाए नक्सलियों ने हमला बोल दिया। इस पर जवानों की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई।

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