रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: ऑफिस में काम करते-करते जब आप ऊब जाते हैं, तो आप छुट्टियों की तलाश करने लगते हैं। लेकिन जब ऑफिस से आप की छुट्टी नामंजूर कर ली जाती है तो मजबूरन नौकरी न गंवाने के लिए आपको काम करना पड़ता है। ताइवान से छुट्टी लेने का एक ऐसा जुगाड़ सामने आया है, जिसे जानकर आप भी दंग रह जायेंगे। यहां छुट्टी लेने के लिए एक आदमी ने अपनी ही पत्नी से 37 दिन में चार बार शादी कर तीन बार तलाक दिया। व्यक्ति वहां के बैंक में एक क्लर्क है।
अब आप सोंच रहे होंगे की उसने ऐसा क्यों किया तो हम आपको इसके पीछे का कारण बताते हैं। दरअसल, वहां के कानून के मुताबिक, एक कर्मचारी विवाह के लिए आठ दिन के वैतनिक अवकाश का हकदार होता है। इस हिसाब से चार बार शादी करने वाले इस व्यक्ति को 32 छुट्टियां मिलनी चाहिए थीं। जिसको उसने लिया।
लेकिन उसकी ये चालाकी बैंक को पता लग गई, तो उसने उसके अतिरिक्त वैतनिक अवकाश नामंजूर कर दिए। नाराज क्लर्क ने श्रम ब्यूरो में शिकायत दर्ज कर बैंक पर लेबर लीव कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया। कानून के मुताबिक, एक कर्मचारी विवाह के लिए आठ दिन के वैतनिक अवकाश का हकदार है। इसलिए शहर श्रम ब्यूरो ने जांच में बैंक को श्रम कानून के उल्लंघन का दोषी पाया।
आपको बता दें कि छह अप्रैल 2020 को शादी करने के बाद जब छुट्टियां खत्म हुईं तो व्यक्ति ने पत्नी को तलाक दे दिया। तलाक देने के अगले ही दिन उसने फिर ब्याह रचाकर छुट्टियां मांग लीं। क्लर्क का मानना था कि वह कानूनी रूप से इन छुट्टियों का हकदार है। इस तरह वह चार बार शादी और तीन बार तलाक देकर 32 वैतनिक छुट्टी लेने में सफल रहा।