सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 2022, 2023 की तुलना में 2024 की दिवाली ज्यादा खराब रही। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा सरकार को कहा है कि वह अक्टूबर के आखिरी 10 दिनों में पराली जलाने की घटना में होने वाली बढ़ोतरी पर जवाब दाखिल 14 नवंबर करें। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पटाखों पर बैन का जो भी उल्लंघन करते हैं उनके ऊपर करो करवाई किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस साल बैन पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया है। CSE की जो रिपोर्ट है उससे साफ है कि पटाखों पर बैन के आदेश पर अमल नहीं हो पाया है। इसलिए दिल्ली में दिवाली पर इस साल में पल्यूशन बहुत ज्यादा बढ़ गया है। 2022 और 2023 की तुलना में यह काफी ज्यादा है। दिवाली के दिनों में पराली जलाने की घटना में भी काफी बढ़ोतरी नज़र आए।
दिल्ली सरकार के वकील ने कोर्ट को 14 अक्टूबर का आदेश दिखाया। उसमें पटाखे की बिक्री और जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से सवाल कि आपके हलफनामे में कहा गया है , आप केवल दिवाली के दौरान पटाखों पर प्रतिबंध लगाएंगे और शादी चुनाव समारोहों के दौरान आप ऐसा नहीं करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा कि आखिर पटाखों पर बैन का आदेश सिर्फ दीवाली तक ही क्यों सीमित है? सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों को लेकर दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई और दिल्ली पुलिस के रवैए पर सवाल उठाए।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को 25 नवंबर तक कोर्ट में हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। दिल्ली पुलिस हलफनामा दाखिल करके बताएं कि दिल्ली में पटाखों के बैन को लेकर क्या गया है आज तक। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को पटाखों पर बैन लगाने के लिए स्पेशल सेल बनाने को कहा है।
हर एक थाने के SHO को जिम्मेदार बनाएं क्योंकि कोई भी धर्म ऐसी किसी गतिविधि को बढ़ावा नहीं दे सकता है जिससे प्रदूषण होता है। सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित विभाग से कहा कि इस पर 25 नवंबर तक फैसला लिया जाए।
This post written by Shreyasi