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बिकरु कांड: DIG अनंतदेव समेंत 12 डिप्टी SP दोषी, आयोग ने की सभी के खिलाफ कार्रवाई की संतुति

जॉच के बाद आयोग ने इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की संतुति की है। जॉच में आयोग ने पाया है कि बिकरू कांड के पीछे इनकी लापरवाही व मिलीभगत रही है। विकास दुबे को शरण देने और उस पर नरमी बरतने में पुलिस ने कोई कसर नहीं छोड़ी। इसलिए इन सभी को दोषी ठहराया है।

By RNI Hindi Desk 
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रिपोर्ट: सत्यम दुबे

कानपुर: दो और तीन जुलाई 2020 की रात में हुए बिकरु कांड की न्यायिक जॉच पूरी हो गई है। आयोग की इस जॉच में कानपुर के तत्कालीन DIG अनंतदेव सहित 12 डिप्टी SP दोषी पाए गए हैं। DIG अनंतदेव ने कबूल किया है कि वे विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई को जानते थे। वहीं आरोप है कि जय बाजपेई ने ही विकास तक रुपए और असलहा पहुंचाने में मदद की थी। अनंतदेव ने विकास दुबे से सीधे पहचान होने से इंकार किया है।

आपको बता दें कि बिकरू कांड में 34 आरोपियों पर पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की है। अब इन सभी संपत्ति जब्त की जाएगी। ADG जोन ने सभी आरोपियों की संपत्ति की जानकारी जुटाने के लिए 10 दिन का समय दिया है।

बिकरु कांड में DSP सूक्ष्म प्रकाश, आरके चतुर्वेदी, करुणाशंकर राय, पासपोर्ट नोडल अफसर अमित कुमार, नंदलाल प्रताप, हरेंद्र कुमार यादव, सुंदरलाल, प्रेम प्रकाश, राम प्रकाश, सुभाष चंद्र और लक्ष्मी निवास शामिल हैं। जॉच के बाद आयोग ने इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की संतुति की है। जॉच में आयोग ने पाया है कि बिकरू कांड के पीछे इनकी लापरवाही व मिलीभगत रही है। विकास दुबे को शरण देने और उस पर नरमी बरतने में पुलिस ने कोई कसर नहीं छोड़ी। इसलिए इन सभी को दोषी ठहराया है।

इसके साथ ही आयोग की जांच से एक और हैरान कर देने वाली बात पता चली है। जॉच में पता चला है कि विकास दुबे पर दर्ज केसों में से 21 केसों की फाइलें गायब हैं। इसमें से 11 फाइलें शिवली थाने की हैं। 4 कल्याणपुर, 5 चौबेपुर और 1 बिल्हौर की फाइल शामिल है। गायब फाइलों में विकास दुबे पर 1991 में दर्ज किए गए पहले केस की भी फाइल शामिल हैं। आयोग ने SIT की उस रिपोर्ट को भी अपनी जांच रिपोर्ट में शामिल किया है, जिसमें SIT ने पुलिसिंग को लेकर बदलाव करने के सुझाव दिए थे।

इधर इस केस में लखनऊ आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह चार अफसरों के खिलाफ जांच कर रही हैं। हाल में पूर्व SP ग्रामीण प्रद्युमभन सिंह, तत्कालीन CO कैंट आरके चतुर्वेदी, तत्कालीन CO एलआईयू सूक्ष्म प्रकाश ने उनको अपने-अपने बयान दर्ज कराए हैं। सूत्रों की मानें तो इन सभी अफसरों के खिलाफ चल रही जांच अंतिम दौर में है। जांच पूरी होने के बाद दोषी अफसरों को दंडित किया जाएग।

आपको बता दें कि 2 और तीन जुलाई 2020 की रात कानपुर के बिकरू गांव में विकास दुबे और उसके साथियों को पकड़ने गई पुलिस पर हमला किया था। इस हमले में CO सहित 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। इसके बाद वह फरार हो गया था।

वारदात के अगले दिन पुलिस ने विकास दुबे के चाचा प्रेम प्रकाश पांडेय और अतुल दुबे को एनकाउंटर में मार गिराया था। 8 जुलाई को STF ने हमीरपुर में विकास के करीबी अमर दुबे और प्रभात मिश्रा को ढेर कर दिया था। 9 जुलाई को विकास के करीबी रणवीर उर्फ बब्बन शुक्ला को इटावा में मार गिराया। इसी दिन विकास दुबे को पुलिस ने मध्य प्रदेश के उज्जैन महाकाल मंदिर परिसर से गिरफ्तार कर लिया।

मध्य प्रदेश पुलिस विकास दुबे को यूपी STF को सौंप देती है। यूपी STF 10 जुलाई 2020 को जैसे ही काफिला कानपुर में दाखिल होता है, वह भागने की कोशिश करता है। पुलिस के समझाने पर जब वह नहीं मानता तो पुलिस फायरिंग करती है। जिससे वह घायल हो जाता है। पुलिस उसको अस्पताल ले जाती है, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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