भोपाल: मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी परिसर में ‘मां के नाम एक अभियान’ के तहत ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पूज्य संत अवधूत श्री दादागुरु भगवान के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ। इस दौरान उन्होंने युवाओं को जीवन में सही दिशा, नैतिक मूल्यों, संस्कार और राष्ट्रप्रेम को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। आयोजन में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
पूज्य संत अवधूत श्री दादागुरु भगवान ने युवाओं से संवाद करते हुए उन्हें अपने जीवन में सकारात्मक सोच और अच्छे संस्कारों को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा केवल अपने व्यक्तिगत विकास तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी को समझें। उन्होंने युवाओं को अनुशासन, नैतिकता और आत्मचिंतन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनका संदेश रहा कि सही दिशा में किया गया प्रयास ही व्यक्ति को जीवन में सार्थक सफलता की ओर ले जाता है।
युवा संवाद के दौरान प्रकृति और भारतीय संस्कृति के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया। पूज्य दादागुरु भगवान ने युवाओं से प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने की अपील की। कार्यक्रम का प्रमुख संदेश ‘प्रकृति से प्रगति की ओर, संस्कृति से समृद्धि की ओर’ रहा।
पूज्य संत ने युवाओं को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने और समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति देश के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवा सही मूल्यों और संस्कारों के साथ आगे बढ़ें तो राष्ट्र निर्माण को नई दिशा मिल सकती है।
कार्यक्रम में इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को पूज्य संत और अन्य अतिथियों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। छात्रों ने विभिन्न विषयों से जुड़े सवाल पूछे और अपने जीवन व भविष्य को लेकर मार्गदर्शन प्राप्त किया।
कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट अतिथियों को कलाकार राज सैनी द्वारा तैयार किए गए स्मृति चिन्ह और स्केच पेंटिंग भेंट कर सम्मानित किया गया। आयोजन में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही।
कार्यक्रम का समापन छात्रा योगिता राय के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। ‘युवा संवाद’ के जरिए युवाओं को प्रकृति संरक्षण, भारतीय संस्कृति, अनुशासन, नैतिकता और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया।