भोपाल: मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी परिसर में ‘मां के नाम एक अभियान’ के तहत ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं से नवाचार, विकास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को स्वाध्याय और अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा, मध्य प्रदेश युवा आयोग के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा, नर्मदा मिशन की राष्ट्रीय संयोजक डॉ. प्रिया भावे चित्तावरे, एमपीपीयूआरसी अध्यक्ष डॉ. खेम सिंह डहेरिया समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि युवा अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का उपयोग नवाचार एवं विकास के लिए करें। उन्होंने स्वाध्याय और अनुशासन को जीवन में सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए विद्यार्थियों से निरंतर सीखने और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की अपील की। कार्यक्रम का प्रमुख संदेश ‘प्रकृति से प्रगति की ओर, संस्कृति से समृद्धि की ओर’ रहा।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रकृति और संस्कृति के प्रति जिम्मेदार रवैया अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजना भी जरूरी है। युवाओं की भागीदारी से प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण को नई दिशा मिल सकती है।
कार्यक्रम में युवाओं को नैतिक मूल्यों, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। मुख्यमंत्री ने युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में लगाने और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने पर जोर दिया।
मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी के प्रति कुलाधिपति इंजीनियर गौरव तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने प्रदेश में विकास की गति का उल्लेख करते हुए युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसरों के विस्तार की आवश्यकता पर बात रखी।
कार्यक्रम के दौरान इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने अतिथियों से विभिन्न विषयों पर सीधे सवाल किए और मार्गदर्शन प्राप्त किया। संवाद के दौरान युवाओं ने अपनी जिज्ञासाएं और विचार भी साझा किए।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों को कलाकार राज सैनी द्वारा तैयार किए गए स्मृति चिन्ह और स्केच पेंटिंग भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के विद्यार्थी और शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन छात्रा योगिता राय के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। ‘युवा संवाद’ के माध्यम से विद्यार्थियों को नवाचार, अनुशासन, प्रकृति संरक्षण, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।