रिपोर्ट: सत्यम दुबे
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा एक बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार ने सूबे में सांप के काटने से होने वाली मौतों को राज्य आपदा घोषिक कर दिया है। जिसका मतलब यह है कि सांप के काटने से किसी की मौत हो जाती है तो परिजन सरकारी मुआवजे के हकदार होंगे। CM योगी के निर्देश के बाद शासन ने राज्य के सभी DM को निर्देश जारी कर दिए हैं। जारी आदेश के मुताबिक अब सर्पदंश के मृतक के परिवार को सरकार की ओर से 4 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी।
आपको बता दें कि सरकार द्वारा जारी इस आदेश के मुताबिक सांप के काटने से मृतक के आश्रितों को आर्थिक सहायता के लिए विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगें। घटना के 7 दिनों के अंदर ही उन्हें तय सरकारी मुआवजे की राशि दे दी जाएगी। इसकी जिम्मेदारी जिलाधिकारी को दी गई है। सूबे में अब तक सर्पदंश से होने वाली मौतों में किसी प्रकार का सरकारी मुआवजा देने का प्रावधान नहीं था। बारिश के दिनों में तराई समेत गोरखपुर, देवरिया और आप-पास के जिलों में सांप के काटने से मौत के कई मामले सामने आते हैं।
आपको बता दें कि सरकार द्वारा जारी इस आदेश को गोरखपुर कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने समझाया कि पहले बिसरा रिपोर्ट के माध्यम से यह प्रमाणित करना पड़ता था कि व्यक्ति की मृत्यु सर्पदंश से ही हुई है। ज्यादातर मामलों में जानकारी की कमीं में या तो पोस्टमार्टम नहीं होते हैं, या फिर उनका बिसरा सुरक्षित नहीं किया जाता था। उन्होने आगे बताया कि बिसरा रिपोर्ट अगर होते भी थे तो लैब से उसकी रिपोर्ट आने में लंबा वक्त लगता था। ऐसे में मृतकों के आश्रितों को मिलने वाली आर्थिक सहायता के लिए काफी समय इंतजार करना पड़ता था।
वहीं सराकार द्वारा राज्य आपदा घोषित होने के बाद अब सर्पदंश से होने वाली हर एक मौत में पोस्टमार्टम और बिसरा रिपोर्ट अनिवार्य होगा। शासन की ओर से स्पष्ट निर्देश है कि मृतकों के आश्रितों को आर्थिक सहायता के लिए उनके परिजन की मौत सर्पदंश से ही हुई है, इसके प्रमाण के लिए बिसरा रिपोर्ट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बल्कि मृत्यु के बाद मृतक के पंचनामा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही 7 दिनों के अंदर उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता उपलब्ध करा दी जाएगी।