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लोक पर्व फूलदेई की धूम, नव वर्ष का क्यों माना जाता है प्रतीक

By: RNI Hindi Desk 
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लोक पर्व फूलदेई की धूम, नव वर्ष का क्यों माना जाता है प्रतीक

उत्तराखंड का लोकपर्व मनाया जा रहा है और लोक पर्व फूलदेई को बहुत ही धूम धाम से मनाया जा है बतादें की फूलदेई पर्व फूलों के आगमन का प्रतीक है और फूलों के आगमन के साथ ही नववर्ष के आगमन का भी प्रतीक माना जा है। वहीं इस पर्व को कई दिनों तक मनाने की पीछे की कहानी वसंत के मौसम की शुरुआत भी मानी जाती है।

बताया जा रहा है कि फूलदेई पर्व सूर्य उगने से पहले फूल लाने की परंपरा है। इसके पीछे वैज्ञानिक दृष्टिकोण का प्रभाव भी माना जाता है कहा जाता है की सूर्य निकलने पर भंवरे फूलों पर मंडराने लगते हैं, जिसके बाद परागण एक फूल से दूसरे फूल में पहुंच जाते हैं और बीज बनने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।

बतादें कि पीजी कॉलेज गापेश्वर के वनस्पति विज्ञान के प्रोपेसर का कहना है कि पौधों की अच्छी पैदावार और उन्नत किस्म के बीज प्राप्त करने के लिए इस तरह के प्रयोग को किया जाता है और जिसके लिए सटीक तकनीक है कि कुछ फूलों को पौधों से अलग कर दिया जाए।

उत्तराखंड का लोकपर्व फूलदेही का त्योहार एक अहम उदाहरण है और फूलदेई का पर्व खुशी मनाने के साथ ही प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। और वसंत के इस पर्व को मनाने के लिए इस मौसम में हर तरफ फूल खिले हुए होते हैं जिससे माना जाता है की नए जीवन के लिए फूलों का सृजन होता है और इसलिए इस त्यौहार को उत्सव के रूप में मनाया जाता है।

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