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आखिर कैप्टन वरुण सिंह की मां ने ऐसा क्यों कहा- 8 दिन पहले क्यों नहीं गया, तेरे दर्द में तड़पती थी; पढ़े पूरी खबर

Why did Captain Varun Singh's mother say this - why did not go 8 days ago, you used to suffer in pain; कैप्टन वरुण सिंह की शहादत को पूरा देश सलाम कर रहा है। भोपाल में वरुण सिंह को अंतिम विदाई दी गई। विदाई के दौरान वरुण की मां बहुत भावुक हो गई।

By RNI Hindi Desk 
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नई दिल्ली : ‘मैंने अपने बेटे को आजाद कर दिया है। हमने अपने परिवार के साथ वरुण का हाथ पकड़कर उसे आजाद किया। उससे कहा कि वह अपने आपको हम में लिप्त ने रखें। तुम एयरफोर्स के लिए फ्लाइंग के लिए जिये हो। तुम्हारा पैशंस और तुम्हारा प्यार है। वरुण के अंदर एक क्वालिटी थी- वह प्रोत्साहित करता था। वह 23 दिसंबर को घर आने वाला था।’ ये कहना है वरुण की मां उमा का।

‘मैं भी अपने बच्चे को बचाना चाहती थी’

मां उमा कहती हैं कि ‘मैं भी एक मां हूं। मैं भी अपने बच्चे को बचाना चाहती थी। मुझे ये दुख है कि ईश्वर ने वरुण को 8 दिन इतना कष्ट क्यों दिया? हादसे वाले दिन चला जाता तो ठीक रहता। कोई बात नहीं थी, उसे सिर्फ डीएनए टेस्ट देना होता। कोई जरूरी था कि वह बोल कर अपना नाम पता और नंबर बताएं। एक मां की तरह बहुत दर्द होता है वह तकलीफ होती है। जाना तो सबको है।’

‘मैंने ईश्वर से पूछा- ऐसा क्यों किया?

वे कहती हैं कि ‘मैंने ईश्वर से पूछा- ऐसा क्यों किया? मैंने अस्पताल में उसे कहा भी था कि तू चला जा बेटा… हम तुझे आजाद करते हैं। बेटा गौरवपूर्ण गया है। इतनी इज्जत, प्यार और सम्मान मिला है, यही मेरी ताकत है। अपनी किस्मत से आया, अपनी किस्मत से जिया, अपनी किस्मत से लड़ा और अपनी किस्मत से चला गया।’ आपको बता दें कि वरुण सिंह के पिता केपी सिंह और मां भोपाल स्थित सनसिटी के जिस घर में रहते हैं, उनके पड़ोसी अनिल ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया है।

‘वरुण मेरी बात सुन रहा है और मुस्कुरा रहा है’

मां ने कहा कि ‘वरुण मेरी बात सुन रहा है और मुस्कुरा रहा है। वरुण मेरा यह कहना है कि खुश रहो, जितने भी तुम्हारे पैशन्स हैं उन्हें दूसरे के थ्रू पूरा करो। उसने बहुत से लोगों को ट्रेंड किया है। वह उसे पूरा करेंगे।’ उन्होंने यह भी कहा कि ‘उसकी ट्रेनिंग ने उसे बचाया है। उसके सिर में एक चोट भी नहीं आई। उसके शरीर की एक हड्डी भी नहीं टूटी। वह जलने की वजह से गया। ईश्वर से कहती हूं कि यदि वह गलती करता है तो उसके कान पकड़े और खींचे।’

‘आई एम सॉरी वरुण… मेरी कोई बात गलत लगी हो’- वरुण की पत्नी

वरुण की पत्नी गीतांजलि पार्थिव शरीर के पास पहुंची तो भावुक हो गईं, लेकिन आंखों में आंसू नहीं आने दिए। बोलीं- वरुण… आई एम सॉरी, मेरी कोई बात गलत लगी हो तो मुझे माफ कर देना। उमा सिंह ने बहू गीतांजलि के कंधे पर हाथ थपथपाते हुए कहा कि ये मेरी बहादुर बेटी है…वीरांगना है। पिता केपी सिंह ने ताबूत खोलकर आखिरी बार  परिवार को वरुण का चेहरा दिखाया। मां ने अगरबत्ती लगाई और बेटे की एयरफोर्स की कैप को बांहों में भर लिया।

भोपाल में दी गई अंतिम विदाई

आपको बता दें कि इंडियन एयरफोर्स (Indian Air Force) के ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह (Group Captain Varun Singh) को भोपाल (Bhopal) में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। वरुण की शहादत को हर कोई नमन कर रहा है। इससे पहले गुरुवार को बेंगलुरु (Bangalore) से वरुण की पार्थिव शरीर भोपाल लाई गई, जहां लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। वरुण की बहन दिव्या ने आरती उतारी और भाई की शहादत को सलाम किया।

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