नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लोकसभा के सदन में बजट पेश करने के बाद एक तरफ जहां सत्ता पक्ष के नेताओं ने इस बज़ट की तारीफ की, वहीं दूसरी ओर विपक्षी पार्टियों ने इस बजट को निराशाजनक बताया। आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने तो इस बिल को चंद कंपनियों को फायदा पहुंचाने वाले बताया।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को संसद में बजट पेश करते हुए कहा कि बजट स्वास्थ्य सेवा और बुनियादी ढांचे पर केंद्रित है। पीएम मोदी ने कहा कि बजट 2021 भारत के आत्मविश्वास को बढ़ाएगा और आत्मानबीर भारत की ओर एक कदम है।
Forget putting cash in the hands of people, Modi Govt plans to handover India’s assets to his crony capitalist friends.#Budget2021
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 1, 2021
कांग्रेस नेता और संसद सदस्य, राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि मोदी सरकार लोगों के हाथों में अधिक नकदी डालने के बजाय, भारत की संपत्ति को अपने कुलीन पूंजीवादी दोस्तों को सौंपने की योजना बना रही है।
यह बजट चंद बड़ी कम्पनियों को फ़ायदा पहुंचाने वाला बजट है।
ये बजट महंगाई के साथ आम जन-मानस की समस्याएं बढ़ाने का काम करेगा।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) February 1, 2021
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह बजट चंद बड़ी कम्पनियों को फ़ायदा पहुंचाने वाला बजट है। ये बजट महंगाई के साथ आम जन-मानस की समस्याएं बढ़ाने का काम करेगा।
यह बजट चंद बड़ी कम्पनियों को फ़ायदा पहुंचाने वाला बजट है।
ये बजट महंगाई के साथ आम जन-मानस की समस्याएं बढ़ाने का काम करेगा।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) February 1, 2021
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता आनंद शर्मा ने कहा कि बजट 2021 निराशाजनक है क्योंकि यह उपभोक्ता मांग में तेजी और पुनरुद्धार के लिए रोडमैप के बिना है। एफएम बहादुर हो सकता था लेकिन डरपोक होना चुना। राष्ट्र को मांग को पुनर्जीवित करने, नौकरी के सृजन को फिर से शुरू करने के लिए कमजोर वर्गों के लिए एक साहसिक बजट और अधिक प्रत्यक्ष हस्तांतरण की आवश्यकता थी।
One nation, one ration card and increased spending on public health were two bright spots in an otherwise directionless budget which will be forgotten in a few weeks.
— Anand Sharma (@AnandSharmaINC) February 1, 2021
उन्होंने लिखा कि वित्त मंत्री गरीब और श्रमिक वर्ग के लिए साहसिक और विस्तारित मददगार हो सकता था। उसने डरपोक होना चुना और सरकार की बयानबाजी जारी रखी।
#Budget2021 is disappointing as it is without a roadmap for accelerating growth & revival of consumer demand. The FM could have been brave but chose to be timid. The nation needed a bold budget & more direct transfers to the weaker sections to revive demand, restart job creation.
— Anand Sharma (@AnandSharmaINC) February 1, 2021
उन्होंने आगे कहा कि, ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर बढ़ा हुआ खर्च एक अन्यथा दिशाहीन बजट में दो चमकीले धब्बे थे जिन्हें कुछ ही हफ्तों में भुला दिया जाएगा।’
India’s first paperless budget is also a 100% visionless budget.Theme of the fake budget is Sell India!
Railways:sold
Airports:sold
Ports: sold
Insurance: sold
PSUs:23 sold!Common people ignored. Farmers ignored.
Rich get richer,nothing for middle class,poor get poorer (1/3)
— Derek O'Brien | ডেরেক ও'ব্রায়েন (@derekobrienmp) February 1, 2021
भारत का पहला पेपरलेस बजट भी 100% दृष्टिहीन बजट है; ‘नकली बजट’ का विषय ‘भारत को बेचना’ है: टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन।
More #cess
Another loot on federalism.
States robbed of revenue.— Derek O'Brien | ডেরেক ও'ব্রায়েন (@derekobrienmp) February 1, 2021
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता सुनील सिंह साजन ने कहा कि बजट में आंकड़ों की बाजीगरी के अलावा किसानों को देने के लिए कुछ भी ठोस नहीं था। उन्होंने कहा कि बजट में वेतनभोगी वर्गों और बेरोजगार युवाओं को कोई कर राहत नहीं दी गई थी।
कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने आरोप लगाया कि बजट एक “राष्ट्रीय मुद्रीकरण योजना – नेशनल सेल आउट के लिए आशुलिपि” थी और “बजट में कोई केंद्रीय ध्यान नहीं” था।
FM’s Talkthorn oblivious that growth rate of GDP is in a record 37th month decline.Worst Crisis since 1991.
Except for a National Monetisation Plan – short hand for National Sell out no Central Focus in Budget.
Bottom line-Will not grow economy but sell the family silver.
— Manish Tewari (@ManishTewari) February 1, 2021
Met @AmitShah after budget with Ministers Sukhjinder Randhawa, Sukh Sarkaria & Raj Kumar Chabhewal.We requested him that list of detained & arrested in Farm Protests should be made public to enable them to take legal recourse.Delhi Police has /is putting up list on their website
— Manish Tewari (@ManishTewari) February 1, 2021
वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी बजट पर केंद्र को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “यह भाजपा सरकार मुझे उस गैराज मैकेनिक की याद दिलाती है जिसने अपने ग्राहक को बताया था, ‘मैं आपके ब्रेक ठीक नहीं कर सकता, इसलिए मैंने आपका हॉर्न लाउडर कर दिया।”
This BJP government reminds me of the garage mechanic who told his client, “I couldn’t fix your brakes, so I made your horn louder.” #Budget2021
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) February 1, 2021
बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को अगले वित्त वर्ष 2021-22 का केंद्रीय बजट लोकसभा के पटल पर पेश किया। निर्मला सीतारमण ने लगातार तीसरी बार आम बजट पेश किया है। आपको बता दे कि कोरोना महामारी के संकट के बाद केंद्र सरकार का यह पहला बजट है। कोरोना लॉकडाउन के दौरान अर्थव्यवस्था की धीमी रफ़्तार को एक बार फिर गति देने के लिए सभी की निगाहें इस बजट पर टिकी हैं।