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कौन है बीजेपी के नये अध्यक्ष जेपी नड्डा ! कम नहीं है चुनौतियां

By: RNI Hindi Desk 
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कौन है बीजेपी के नये अध्यक्ष जेपी नड्डा ! कम नहीं है चुनौतियां

25 जून 1975 की रात में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया और उसके बाद शुरुआत हुई देश के सबसे बड़े आंदोलन जेपी आंदोलन की, इस आंदोलन ने 1977 के चुनाव के बाद देश में पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार बनवाने में बड़ा योगदान दिया, इस आंदोलन को देश के तमाम लोकतंत्र के समर्थकों का साथ मिला और उसी आंदोलन में एक 15 बरस का लड़का भी था जो रातों रात लागू हुए आपातकाल के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद कर रहा था और वो कोई और नहीं बल्कि जगत प्रकाश नड्डा थे जो आज दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे हैं।

जे पी नड्डा 2 दिसंबर 1960 को बिहार में पैदा हुए और बचपन में ही जैसे उन्हें आभास हो गया था कि उनका जन्म तो राजनीति में आकर लोगों की सेवा करने के लिये हुआ है, यही कारण था कि जब इंदिरा गांधी ने आपातकाल लागू किया तो वो JP आंदोलन से जुड़ गये, नड्डा के पिता नारायण लाल नड्डा पटना यूनिवर्सिटी के कुलपति थे तो जाहिर सी बात है देश और संस्कृति से जुड़ी उनकी समझ बेहतरीन थी, बहुत कम उम्र में ही उन्हें देश के इतिहास के बारे में काफी जानकारी हो गयी थी।

JP आंदोलन से जुड़ने के बाद उनके जीवन की दिशा मानों बदल सी गयी और यही कारण था कि वो उसी वर्ष बिहार की छात्र साखा ABVP से जुड़ गए, जल्द ही वो लोगों के बीच अपनी वाकपटुता और इतिहास की अच्छी समझ के कारण लोकप्रिय हो गए और उन्होंने 1977 में अपने कॉलेज में छात्र संघ का चुनाव लड़ा था और इस चुनाव में जीत के बाद वे पटना यूनिवर्सिटी के सचिव बन गए, मात्र 17 साल की उम्र में एक यूनिवर्सिटी का सचिव बन जाना कोई कम बात नहीं थी।

उनकी काबिलियत देखते हुए ही 1982 में उन्हें उनकी पैतृक जमीन हिमाचल में विद्यार्थी परिषद का प्रचारक बनाकर भेजा गया, हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सीट में भी छात्र संघ का चुनाव लड़ा और उसमें उन्हें जीत हासिल हुई। बीजेपी ने जेपी नड्डा को साल 1991 में अखिल भारतीय जनता युवा मोर्चा का राष्ट्रीय महासचिव बना दिया।

1983-84 में वे विवि में एबीवीपी के पहले अध्यक्ष बने। 1977 से 1990 तक करीब 13 साल के लिए एबीवीपी समेत कई पदों पर रहे। 1989 में तत्कालीन सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार की लड़ाई के लिए राष्ट्रीय संघर्ष मोर्चा बनाया। 1991 में 31 साल की उम्र में भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनकर उभरे। छात्र राजनीति में तप चुके नड्डा 1993 में पहली बार हिमाचल प्रदेश में विधायक बने।

नड्डा ने साल 1998 और 2007 के चुनाव में इस सीट से फिर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इस दौरान नड्डा को प्रदेश की कैबिनेट में भी जगह दी गई, नड्डा के बेहतरीन काम को देखते हुए पार्टी ने साल 2012 में उन्हें हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा में भेजा। इस समय नड्डा राज्यसभा सांसद के तौर पर काम कर रहे हैं।

माना जा रहा था कि पार्टी अध्यक्ष का पद जगत प्रकाश नड्डा के लिए ही रखा गया है, जिस पर मुहर भी लग गई। एक नई पारी के साथ 59 वर्षीय नड्डा सबसे शक्तिशाली दल के शीर्ष पर पहुंच गए हैं। उनके लिए पहली सबसे बड़ी चुनौती पश्चिम बंगाल में भाजपा के सरकार बनाने के मिशन को पूरा करना रहेगी। 

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