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Ration Dispute : महीनों से राशन नहीं मिला, ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

Ration Dispute : रैपुरा के मनकौरा में महीनों से राशन नहीं मिलने के आरोप पर ग्रामीणों ने रैपुरा-पन्ना मार्ग पर चक्काजाम किया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

By: BS Yadav 
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Ration Dispute : महीनों से राशन नहीं मिला, ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

पन्ना : रैपुरा के मनकौरा में गरीब परिवारों के लिए मिलने वाले राशन को लेकर पन्ना जिले के रैपुरा क्षेत्र में ग्रामीणों का गुस्सा सड़क पर देखने को मिला। मनकौरा गांव के ग्रामीणों ने महीनों से राशन नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए रैपुरा-पन्ना मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद राशन वितरण से जुड़ी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद मजबूर होकर ग्रामीणों को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ा।

फिंगर लगवाने के बाद राशन नहीं देने का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राशन लेने के दौरान हितग्राहियों से फिंगर लगवाया जाता है, लेकिन इसके बाद राशन उपलब्ध नहीं कराया जाता। इसके अलावा पीओएस मशीन से निकलने वाली पर्ची भी नहीं देने की शिकायत ग्रामीणों ने की है।ग्रामीणों का कहना है कि पर्ची नहीं मिलने के कारण उन्हें यह जानकारी भी नहीं हो पाती कि उनके नाम पर कितना राशन दर्ज किया गया है और कितना राशन वितरित किया गया।

शिकायतों के बाद भी नहीं मिली राहत

ग्रामीणों के मुताबिक उन्होंने मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन और संबंधित अधिकारियों से भी की थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। लगातार राशन नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने आखिरकार रैपुरा-पन्ना मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।चक्काजाम की सूचना मिलते ही तहसीलदार और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया और सड़क पर यातायात बहाल हो गया।

राशन दुकान की जांच की मांग

ग्रामीणों ने संबंधित राशन दुकान की निष्पक्ष जांच कराने और यदि अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।फिलहाल ग्रामीणों के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की जांच के बाद ही राशन वितरण में वास्तविक स्थिति और कथित अनियमितताओं की तस्वीर साफ हो सकेगी।ग्रामीणों का सवाल है कि जब गरीब परिवार अपने हक के राशन के लिए सड़क पर बैठने को मजबूर हो जाएं, तो आखिर जिम्मेदारी और जवाबदेही किसकी तय होगी?

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