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भाकियू (टिकैत) के उत्तराखंड सदस्यों बोले, दिल्‍ली में किसान आंदोलन को कुचलने का हो रहा है प्रयास

By: RNI Hindi Desk 
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भाकियू (टिकैत) के उत्तराखंड सदस्यों बोले, दिल्‍ली में किसान आंदोलन को कुचलने का हो रहा है प्रयास

देहरादून: नए किसान कानून के विरोध में उत्तराखंड के किसान भी मुखर हैं। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के उत्तराखंड सदस्यों ने कहा दिल्ली में किसानों के आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। जिसका पूरे देश में पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने किसान कानून को वापस न लेने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।

बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के सुभाष रोड स्थित प्रदेश कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें पिछले किसान आंदोलन को रोकने के प्रयासों की निंदा की गई। यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता युद्धवीर सिंह तोमर ने कहा कि दिल्ली कूच कर रहे देश के विभिन्न क्षेत्रों से किसानों पर सरकार की ओर से अत्याचार किए जा रहे हैं।

कहा कि पिछले कई दिनों से देशभर के किसान कृषि अधिनियम-2020 के विरोध में आंदोलनरत हैं, लेकिन केंद्र सरकार दिल्ली कूच कर रहे किसानों पर अत्याचार कर रही है। भारतीय किसान यूनियन इस कानून का विरोध करते हुए किसानों के हित में इसे वापस लेने की मांग करती है। इस अवसर पर उपस्थित किसान नेताओं ने आंदोलन में शहीद हुए किसानों और सीमा पर शहीद हुए किसान पुत्र को श्रद्धांजलि दी गई।

बताया कि किसान आंदोलन को तेज करने के लिए किसानों से संबंधित सभी समुदायों का सहयोग प्राप्त हो रहा है। चेतावनी दी कि यदि सरकार आंदोलन कर रहे किसानों की मांगों को नहीं मानती तो अब उत्तराखंड में भी व्यापक आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। भावी आंदोलन के लिए भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की प्रदेश प्रभारी उषा तोमर ने प्रदेशभर के किसानों से एकजुट होने का आह्वान किया। बैठक में वेदपाल सिंह, नीलम त्यागी, सत्यवीर सिंह आर्य, जगबीर सिंह, नेक मोहम्मद, जितेंद्र सिंह, जगबीर सिंह, प्रेम सिंह बालियान, विपिन कुमार, राजपाल सिंह आदि उपस्थित थे।

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