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बीएचयू अस्पताल की चौथी मंजिल से कूदकर 21 वर्षीय युवक ने जान दी, पॉजिटिव आने पर किया गया था भर्ती

By: RNI Hindi Desk 
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बीएचयू अस्पताल की चौथी मंजिल से कूदकर 21 वर्षीय युवक ने जान दी, पॉजिटिव आने पर किया गया था भर्ती

बीएचयू अस्पताल की चौथी मंजिल से रविवार की रात एक युवक ने कूदकर जान दे दी। परिवार के इकलौते बेटे की मौत से कोहराम मच गया। युवक को एक हफ्ते पहले यहां भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार युवक लगातार अस्पताल में अव्यवस्था की शिकायत परिवार से कर रहा था। इससे पहले रविवार को दिन में एक अन्य युवक कोरोना वार्ड से अचानक गायब हो गया था। दोनों युवकों के परिजनों ने बीएचयू अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है। लंका थाने में शिकायत की गई है। इससे पहले 9 अगस्त को भी एक युवक यहां से लापता हो गया था।

बाबतपुर के कैथोली निवासी जितेंद्र पाठक के इकलौते बेटे 21 वर्षीय अंकित पाठक को एक हफ्ते पहले मस्तिष्क में कुछ समस्या होने पर बीएचयू अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था। इस बीच अंकित के कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट आने पर उसे कोविड-19 वार्ड में भर्ती कराया गया। इसी दौरान रविवार की रात वह अस्पताल की चौथी मंजिल से कूद गया। उसके कूदते ही हड़कंप मच गया। उसे तत्काल ट्रामा सेंटर लाया गया। यहां मृत घोषित कर दिया गया।

अंकित के जीजा नैपुरा डाफी निवासी किशन मिश्रा ने बताया कि हमें अस्पताल प्रशासन की ओर से आधी रात बाद बताया गया कि अंकित ने अस्पताल के चार मंजिला भवन से कूद कर जान दे दी है। किशन ने कहा कि अस्पताल में घोर लापरवाही हुई है, इसके चलते परेशान होकर अंकित ने जान दे दी है। उधर, अंकित की मां माधुरी देवी और इकलौती बहन प्रीति मिश्रा का रो-रोकर बुरा हाल था। किशन ने बताया कि अंकित के इलाज में लापरवाही बरती गई है। उसने लापरवाही की शिकायत भी घर वालों से लगातार की थी। लेकिन अस्पताल पर कोई सुनवाई नहीं हुई। किशन ने कहा कि बीएचयू के खिलाफ थाने और कोर्ट में मुकदमा किया जाएगा।

उधर, बीएचयू के सर सुंदरलाल हॉस्पिटल (बीएचयू) के आइसोलेशन वार्ड से रविवार को एक संक्रमित लापता हो गया। लंका थाना अंतर्गत निवासी अजय भारती बीएचयू परिसर में 11 अगस्त को एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। परिजनों ने उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। वहां कोरोना जांच में उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। परिवार के लोगों को दो दिन बाद पता चला कि वह सर सुंदरलाल चिकित्सालय में बनी नई बिल्डिंग में भर्ती किया गया है।

22 अगस्त को उसने बिल्डिंग की खिड़की से अपनी मां से बात की और कहा कि मुझे यहां से निकालो। रविवार सुबह 10 बजे तब उसके परिजन हॉस्पिटल गए तो उन्हें बताया गया कि तुम्हारा मरीज कहीं चला गया है। परिजनों ने वहां मौजूद गार्ड से पूछा कि ऐसे कैसे कोई मरीज चला जाएगा तो गार्ड ने कहा कि तुम यहां से चले जाओ तुम्हारा मरीज भाग गया है। बीएचयू मे कोई सुनवाई नहीं हुई तो परिजनों ने  लंका थाने पर तहरीर दी। लंका एसओ महेश पांडेये ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर गुमशुदगी दर्ज की गई है।

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