पन्ना पुलिस ने बैंक से नकदी निकालने वाले लोगों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने शहडोल जिले से गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो बैंक के अंदर ग्राहकों की गतिविधियों पर नजर रखते थे और मौका मिलते ही उनकी बाइक की डिग्गी या बैग से रुपये चोरी कर फरार हो जाते थे।
यह कार्रवाई 19 मई को पन्ना स्थित स्टेट बैंक में हुई चोरी की घटना के बाद की गई। पीड़ित रामसिपाही पटेल बैंक से 2.24 लाख रुपये निकालकर अपनी बाइक की डिग्गी में रखकर बाहर आए थे। इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने उनकी डिग्गी से नकदी चोरी कर ली थी।
पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू के निर्देशन में कोतवाली पुलिस और साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू की। टीम ने 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर शहडोल जिले के ब्यौहारी क्षेत्र में दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जित्तू सिंह कंजर और लिदहा उर्फ अरुण सिंह कंजर के रूप में हुई है।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे बैंक के अंदर संभावित शिकार की पहचान करते थे और बैंक से बाहर निकलते ही चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। आरोपियों ने पन्ना के अलावा रीवा, सीधी और दमोह जिलों में भी इसी तरह की कई घटनाओं में शामिल होने की बात कबूल की है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 30 हजार रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें—अपाचे और ग्लैमर—जब्त की हैं।
पुलिस के अनुसार गिरोह के दो अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी पड़ताल की जा रही है।