सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना का मतलब सब कुछ बंद करना नहीं है। चुनौतियों से भागने से नहीं चुनौतियों के आगे चलने से सफलता मिलती है। उन्होंने कहा कि कोरोना कालखंड ने हमें चुनौतियों के साथ अवसर भी दिए हैं। तकनीक से आम आदमी के जीवन को आसान बनाया जा सकता है।
सीएम योगी ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 51 वीं पुण्यतिथि के मौके पर गोरखनाथ मंदिर में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा
कम खर्च में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक लाभ पहुंचाया जा सकता है। सीएम ने कहा कि कोविड-19 की चुनौतियों के बीच कई संस्थाओं ने बड़े अच्छे प्रयास किए हैं। इसमें सभी को रुचि लेनी चाहिए। सीएम ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ ने अपने जीवन में सामाजिक समरसता का संदेश दिया। हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए और के लिए आदर्श स्थापित करने की कोशिश करनी चाहिए।
कोरोना संकट के बीच गरीबों तक अनाज और अन्य सुविधाएं पहुंचाए जाने और खाते में सीधी मदद का उल्लेख करते मुख्यमंत्री ने तकनीक के बढ़ते महत्व के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में कोविड-19 हॉस्पिटल तो कोरोना का इलाज कर रहे हैं लेकिन नॉन कोविड हॉस्पिटलों में भी लोगों को कोरोना से बचाने के उपाय करने चाहिए। ये अस्पताल नएपन के साथ बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। शिक्षण संस्थाओं से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना का मतलब शिक्षण संस्थाओं को बंद करके बैठ जाना नहीं है। वहां नियमित साफ-सफाई होनी चाहिए। प्रयोगशालाओं का रखरखाव, भवनों की मरम्मत की जानी चाहिए। ताकि जब छह -सात महीने बाद बच्चे आएं तो उन्हें अपना स्कूल-कालेज बदला-बदला सा लगे। सीएम ने महराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं से स्वमूल्यांकन की अपील की उन्होंने कहा कि ईमानदारी से इस पर विचार करना चाहिए कि हम जिन लक्ष्यों को लेकर चलते उस दिशा में कहां तक पहुंचे।