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उत्तर प्रदेश : बलिया पुलिस का तांडव

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उत्तर प्रदेश : बलिया पुलिस का तांडव

यूपी : दुबहर थाना क्षेत्र के बयासी गांव में एन एच 31 पर एक व्यक्ति की सड़क दुर्घटना में हुई मौत के बाद ग्रामीणों द्वारा सड़क जाम की गई थी। उसी दौरान पुलिस ने एक व्यक्ति की पिटाई कर दी। जिसके बाद पब्लिक उग्र हो गई और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।

जिसमे कुछ पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। जिसके बाद पुलिस ने जम कर किया। पुलिसिया तांडव करते हुए लोगो के घरों में खड़ी कई गाड़ियों को तोड़ दिया। पुलिस इस मामले में पुलिस पर पथराव करने वाले 35 से 40 लोगो पर मुकदमा दर्ज कर उनके गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है और कुछ लोगो को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है । साथ ही मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

दुबहड़ थाना क्षेत्र के शिवपुर दीयर नई बस्ती बेयासी चट्टी पर बुधवार की शाम अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। जिससे नाराज लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 31को जाम कर प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करने लगे।

लोगों का आरोप था कि दुर्घटना ट्रक से हुई है और 9:00 बजे तक स्थानीय थाने के पास ही नो एंट्री लगाया जाता है। अपने हमराहियों के साथ मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक अनिल चंद तिवारी एवं तहसीलदार गुलाब चंद्रा द्वारा जाम लगाए गए लोगों को समझाने बुझाने का प्रयास किया गया। लेकिन इसी बीच किसी बात को लेकर ग्रामीणों, तहसीलदार सदर गुलाब चंद्रा एवं पुलिसकर्मियों के बीच विवाद हो गया।

विवाद के बीच पुलिस ने ग्रामीणों पर लाठीचार्ज कर दिया। उधर से ग्रामीण भी पथराव करने लगे। ग्रामीणों द्वारा किए गए पथराव में तहसीलदार सदर गुलाब चंद्रा, दुबहड़ थाना प्रभारी अनिल चंद्र तिवारी, मुख्य आरक्षी चंद्रभान यादव, लवकेश कुमार पाठक, बलिया कोतवाल विपिन सिंह, पुलिस लाइन के अरुण कुमार सिंह को चोटें आई।

तहसीलदार सदर गुलाब चंद्रा एवं दुबहड़ थाना प्रभारी अनिल चंद्र तिवारी की तहरीर पर 39 नामजद एवं 30 से 40 अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा नंबर 002/2021 पर 143, 147, 148, 149, 307, 308, 436, 352, 353, 330, 332, 336, 342, 427, 436, 504, 506, 7 सीएलए एक्ट, महामारी अधिनियम- 3, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान- 2 एवं सार्वजनिक संपत्ति निवारण अधिनियम- 3 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है।

जानकारी के अनुसार विश्वकर्मा पासवान उम्र 25 वर्ष पुत्र वीरेंद्र पासवान शहर से अपने घर आ रहा था जैसे ही वह बेयासी ढाले के पास पहुंचा। तभी अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दिया। जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गया। आनन-फानन में वहां पर मौजूद लोगों द्वारा उसे जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

उसकी मौत की सूचना मिलते ही लोगो मे आक्रोश भड़क उठा । आगामी ग्राम प्रधानी में चुनाव लड़ने वालों के लिये राजनीति चमकाने का अच्छा मौका मिला और इन लोगो ने जनता को प्रशासन के खिलाफ उग्र होने में आग में घी की तरह साबित हुए । सूत्रों की माने तो लोगो से जाम हटाने को कहने गये तहसीलदार सदर गुलाब चन्द्रा और एसओ दुबहड़ अनिल चंद तिवारी के साथ स्थानीय नेता टाइप लोगो से बहस हो गयी और आक्रोशित होकर ग्रामीणों ने पुलिस टीम के खिलाफ पथराव करने लगे जिसको कई थानों की फोर्स ने पहुंचकर लाठीचार्ज के सहारे खदेड़ दिया ।

पुलिस के द्वारा लाठीचार्ज के बाद अपने अपने घरों में लौटे लोगो की रात भी कम खौफनाक नही रही । ग्रामीणों के अनुसार अपने सहयोगियों के घायल होने से घायल शेर की तरह पुलिस फोर्स रात भर लोगो के घरों में घुस घुस कर तांडव करती रही । ग्रामीणों के अनुसार पुलिस के जवानों ने घरों में घुस घुस कर न सिर्फ तोड़फोड़ की बल्कि भद्दी भद्दी गालियां देते हुए 3 बजे भोर तक तांडव करती रही।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस ने दबिश के नाम पर रात्रि 11:00 बजे से 3:00 बजे तक कई लोगों के घरों के दरवाजे तोड़कर अंदर घुसकर खिड़कियों के शीशे, बिजली के उपकरण, वाशिंग मशीन, एंटीना, फर्नीचर्स, बाइकों, ठेलों, दुकानों को काफी क्षति पहुंचाई गई। प्रिंट मीडिया के पत्रकार के बरामदे में रखी गई दो बाइकों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।घटनास्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर शिवपुर दियर नई बस्ती के घरों के दरवाजे तोड़कर महिलाओं को भद्दी-भद्दी गालियां दी गई एवं घर में रखे सामानों को क्षति पहुंचाया गया।

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