बुलंदशहर जिले के युवाओं के लिए खुशखबरी है! गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है, जिससे जिले के युवाओं को रोजगार के कई अवसर मिलेंगे। गंगा एक्सप्रेस-वे के साथ-साथ मेरठ से प्रयागराज तक एक औद्योगिक गलियारा विकसित किया जा रहा है, जिसमें बुलंदशहर के गढ़मुक्तेश्वर तहसील के तीन गांवों में 120 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जाएगा।
120 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र
गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे विकसित होने वाला यह औद्योगिक क्षेत्र युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगा। गढ़मुक्तेश्वर के सदरपुर भैना, ठेरा, और चिचावली गांवों में यह परियोजना लागू होगी।
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया
औद्योगिक क्षेत्र के लिए 120 हेक्टेयर जमीन अधिगृहीत की जा रही है, जिसमें से 30 हेक्टेयर पहले ही अधिगृहीत हो चुकी है। प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया को तेज कर दिया है, और अप्रैल तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रशासन की तैयारियां
प्रशासन की ओर से औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसके बाद यूपीआईडीए (उत्तर प्रदेश औद्योगिक एक्सप्रेसवेज विकास प्राधिकरण) औद्योगिक क्षेत्र के निर्माण की प्रक्रिया शुरू करेगा।
रोजगार के नए अवसर
इस औद्योगिक गलियारे के विकास से सयाना क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलेगा, और क्षेत्र का पिछड़ापन दूर होगा। नए औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से हापुड़ और अमरोहा जैसे स्थानों पर भी विकास होगा।
गंगा एक्सप्रेस-वे का विकास
गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण अंतिम चरण में है, और यह उत्तर प्रदेश के 12 जिलों को जोड़ते हुए मेरठ से प्रयागराज तक फैलेगा। इस परियोजना के तहत, 36,404 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ, विभिन्न पुल, अंडरपास, ओवर ब्रिज और डायमंड इंटरचेंज जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
परियोजना का उद्देश्य
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बुलंदशहर जिले के विकास को गति देना और गंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़े क्षेत्रों में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देना है। इससे जिले के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।