उत्तर प्रदेश के डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भगवा वस्त्रों पर दिए बयान को लेकर कड़ा विरोध जताया है। खड़गे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा कि साधु-संतों के पहनावे पर कांग्रेस पार्टी का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।
साधु-संतों के पहनावे पर कांग्रेस का हस्तक्षेप निंदनीय
ब्रजेश पाठक ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष का बयान सनातन धर्म और साधु-संतों के सम्मान का अपमान है। उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “जिस तरह से मुगलों ने सनातन संस्कृति को नष्ट करने का प्रयास किया था, वही काम कांग्रेस पार्टी कर रही है। लेकिन सनातन धर्म आज भी मजबूत है और पूरी दुनिया को मार्गदर्शन दे रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि धर्म और संस्कृति में हस्तक्षेप कांग्रेस की पुरानी आदत बन चुकी है, और यह किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।
कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए
पाठक ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा, “कांग्रेस का इतिहास सनातन धर्म पर हमला करने का रहा है। यह पूरी तरह से एक साजिश है। कांग्रेस को इस बयान के लिए पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।” उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कांग्रेस यह तय नहीं कर सकती कि साधु-संत क्या पहनेंगे, और इस मामले में उनकी कोई राय नहीं मानी जा सकती।
खड़गे का बयान और सियासी विवाद
मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक चुनावी सभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधते हुए कहा था कि कई नेता साधुओं के भेष में रहते हैं और अब वे राजनीति में शामिल हो गए हैं। खड़गे ने यह भी कहा था, “जो लोग गेरुआ कपड़े पहनते हैं और उनके सिर पर बाल नहीं हैं, वे राजनीति से बाहर जाएं। या फिर सफेद कपड़े पहनें।” इस बयान के बाद से सियासी माहौल गरमा गया है, और बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए इस बयान की कड़ी आलोचना की है।