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यूपी : विधायक जी भ्रष्टाचार के खिलाफ चिलाते रहे मगर अधिकारी सुनने को तैयार नहीं

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यूपी : विधायक जी भ्रष्टाचार के खिलाफ चिलाते रहे मगर अधिकारी सुनने को तैयार नहीं

फिरोजाबाद : यूपी के फिरोजाबाद में एक अजीबो गरीब मामला सामने आया हैं। जहां यूपी सरकार के ही एक विधायक ने प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, विधायक का आरोप है कि उनके ही सरकार में अधिकारी विधायक जी की ही नहीं सुन रहे, विधायक जी भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े चिल्ला रहे है और अधिकारी है कि सुनने को तैयार नहीं।

कहते है जब नेता जनता का मजाक उड़ाने पर आ जाते हैं तो अफसर अपने आप मौज में आ जाते है, लेकिन यहां कहानी कुछ दूसरी है। यहां खुद नेताजी का ही मजाक उड़ाया जा रहा हैैं। मजाक उड़ाने वाले कोई और नहीं बल्कि उन्ही के सरकार प्रशासनिक अफसर हैैं।

जो भ्रष्ट्राचार में इस कदर लीन हैं कि सरकारी सिपहसालार की बात भी सुनना मुनासिब नहीं समझते। हमने आज तक एसा कभी नहीं देखा, एक असहाय मौजूदा विधायक जो जिलाधिकारी से गिड़गिड़ा रहा हैं।अब तक हमने यहीं देखा है कि विधायक बड़े ही रौब के साथ अधिकारियों से काम के लिए कहते रहे हैं।

हमने ये सुना है कि चचा विधायक है, मतलब कि विधायक चचा के आगे अपने क्षेत्र में कोई और नहीं होता, लेकिन पहली बार है कि विधायक के भतीजे ये नहीं बोल सकते कि चचा विधायक हैं।बोलेंगे भी तो कैसे किस बल से , यहां तो भतीजों के विधायक चचा जब नहर की कटाव के लिए उठाई जा रही दीवार में लग रहे घटिया सामान के खिलाफ अधिशाषी अधिकारी से शिकायक की तो अधिकारी उल्टा विधायक जी पर ही गुर्रा उठा।

दीवार में लग रहे घटिया क्वालिटी के सामन देखकर सरकार पर लग रहे दाग को विधायक जी से नहीं देखा गया तो विधायक अधिषाशी अधिकारी को फोन लगाया , सोचा कि विधायक जी का धरधराता हुआ फोन पहुंचेगा और जिम्मेदार अधिकारी की सिट्टी पिट्टी गुम हो जाएगी, लेकिन यहां तो मामला उल्टा पड़ गया,अधिकारी सीधे विधायक जी से रौब झाड़ने लगा। विधायक डॉ मुकेश वर्मा ने नहर पटरी पर खड़े होकर दीवार में लगाई जाने बाली ईंटो को उठा कर तोड़कर भी दिखाया जो बे हद घाटियां किस्म का था।

विधायक वोले कि पर्देश सरकार पूरी ईमानदारी से काम कर रही है लेकिन अधिकारी गरीबों के खून पसीने की कमाई को चालीस प्रतिशत कमीशन लेकर घटिया सामिग्री का प्रयोग कर रहे है। सरकार की छवि को खराब कर रहे हैं।

भ्रष्टाचार पर विधायक की भावना भड़क गई। जिलाधिकारी को फोन लगा दिया, लेकिन यहां भी विधायक जी की शालीनता देखने को मिली। प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लाखों दावे कर रही है, लेकिन विधायक जी की विवसता को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारी कितने गंभीर हैं,अधिकारी जब माननीय की ही नहीं सुनते तो जनता तो बहुत छोटी चीज हैं।

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