प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी के आदेशों का पालन करने के लिए तथा गरीबों की मदद करने के लिए वाराणसी के एक परिवार ने मिसाल पेश की है। तेरहवीं के निमित्त 2 हजार लोगों को भोजन कराने का संकल्प लिया। उन्होंने तय किया है रोटी बैंक वाराणसी के माध्यम से निराश्रित असहाय और दिव्यांगजनों को भोजन कराएंगे।
वाराणसी के ब्रिज एन्क्लेब कॉलोनी निवासी सत्येंद्र नारायण राय जिनकी 91 वर्ष की माता अंबिका देवी जी का निधन लॉकडाउन के दौरान 4 अप्रैल को हो गया था।
इसके बाद तेरहवीं के अवसर पर उनके परिवारजनों ने संयुक्त रूप से यह निर्णय लिया कि हम लोग ब्रह्म भोज का आयोजन नहीं करेंगे। तेरहवीं के निमित्त जो हम लोगों ने 2000 लोगों को भोजन कराने का संकल्प तय किया है। वह रोटी बैंक वाराणसी के माध्यम से निराश्रित असहाय और दिव्यांग जनों को भोजन कराएंगे।
मृतका के परिवार जनों ने 2000 लोगों के भोजन की सामग्री रोटी बैंक वाराणसी को सौंप दी ,और आग्रह किया कि इस भोजन का उपयोग गरीब ,निराश्रित, दिव्यांग, असहाय लोगों के लिए किया जाए।
दिव्यांग बंधु डॉक्टर उत्तम ओझा ने बताया कि इस प्रकार की स्वस्थ परंपरा से समाज में एक नई दिशा मिलेगी तथा लोगों को प्रेरणा मिलेगी कि वह समाज हित के बारे में भी चिंतन करें तथा असहाय गरीब व अन्य लोगों के बारे में भी कोई भी योजना बनाते समय अपने केंद्र में रखें।
उन्होंने धार्मिक कर्मकांड तो यथावत किए लेकिन धार्मिक कर्मकांड के नाम पर होने वाले इस तरह के अपव्यय को रोककर समाज को एक नई दिशा देने का प्रयास इस परिवार ने किया है। जोगी समाज के लिए प्रेरणा स्रोत अब आदर्श है।