अमेरिका ने भारतीय सामान पर 50% टैरिफ लगाया है, जिसमें से 25% लागू हो चुका है और शेष 25% 27 अगस्त से लागू होगा। इसके बावजूद अप्रैल-जुलाई के दौरान भारत से अमेरिका को निर्यात 21% बढ़कर 33.5 अरब डॉलर पहुंचा, जबकि कुल निर्यात केवल 3% बढ़ा।
अमेरिका ने भारतीय सामान पर 50% टैरिफ लगाया है, जिसमें से 25% लागू हो चुका है और बाकी 25% अतिरिक्त शुल्क 27 अगस्त से लागू होगा। इस कदम से भारतीय निर्यातकों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है, हालांकि अप्रैल-जुलाई के दौरान भारत से अमेरिका को निर्यात में 21% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो देश के कुल 3% निर्यात वृद्धि से सात गुना अधिक है। इस अवधि में अमेरिका को गुड्स का निर्यात 33.5 अरब डॉलर तक पहुंचा, जबकि भारत का कुल निर्यात 149.2 अरब डॉलर रहा। भारत के कुल निर्यात का 22% हिस्सा अमेरिका को जाता है, जिस पर अब भारी टैरिफ का असर पड़ेगा।
निर्यातक संगठनों के मुताबिक, फिलहाल पुराने खरीदारों के साथ व्यापार बनाए रखने के लिए कुछ अतिरिक्त छूट देने पर विचार किया जा रहा है। परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (AEPC) के अध्यक्ष सुधीर सेखरी ने कहा कि निर्यातकों ने मिलकर 25% टैरिफ का बोझ उठाया है और ट्रेड को जारी रखा है। कई निर्यातकों ने डेडलाइन से पहले ही माल भेजना शुरू कर दिया है। वहीं कुछ अनुबंधों में यह शर्त जोड़ी गई है कि अगर रूस से तेल खरीदने पर लगने वाला 25% अतिरिक्त शुल्क लागू नहीं होता, तो दी जा रही छूट भी रद्द हो जाएगी। अमेरिका के साथ होने वाली बातचीत टल गई है, लेकिन निर्यातकों को आने वाले हफ्तों में समाधान निकलने की उम्मीद है।