भोपाल। राजधानी में नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई को लेकर व्यापारियों का विरोध तेज हो गया है। नए और पुराने शहर के बड़ी संख्या में व्यापारी रोशनपुरा चौराहे पर जुटे और दुकानों की सीलिंग के खिलाफ प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने सड़क पर बैठकर चक्काजाम किया और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों के हाथों में तख्तियां और थालियां नजर आईं। उन्होंने ताली और थाली बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया और सीलिंग की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
व्यापारियों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। नए शहर की ओर से आने वाले प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए ‘टॉप एंड टाउन’ से रोशनपुरा चौराहे तक अलग-अलग स्थानों पर बेरिकेडिंग की गई। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद भी व्यापारियों ने सड़क पर थाली और ताली बजाते हुए अपना विरोध जारी रखा।
व्यापारियों का कहना है कि भोपाल का नया मास्टर प्लान लंबे समय से लंबित है। उनका आरोप है कि इसी वजह से शहर में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लेकर लगातार कार्रवाई की स्थिति बन रही है। व्यापारियों ने मांग रखी कि जब तक नया मास्टर प्लान लागू नहीं होता, तब तक सीलिंग कार्रवाई को रोका जाए। उनका कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए स्पष्ट और व्यावहारिक नीति जरूरी है।
भोपाल व्यापारी यूनियन के अध्यक्ष गोविंद गोयल ने सीलिंग की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को राहत देने के लिए गुजरात मॉडल की तर्ज पर मास्टर प्लान तैयार कर लागू किया जाना चाहिए।व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय से लंबित समस्या का समाधान होने से शहर के कारोबारियों को बार-बार की कार्रवाई और अनिश्चितता से राहत मिल सकती है।
प्रदर्शनकारी व्यापारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की मांग भी रखी। व्यापारियों का कहना है कि वे अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखना चाहते हैं, ताकि सीलिंग और मास्टर प्लान से जुड़े मुद्दों पर सरकार के स्तर से स्थायी निर्णय हो सके। फिलहाल सीलिंग कार्रवाई को लेकर व्यापारियों और नगर निगम प्रशासन के बीच विरोध की स्थिति बनी हुई है। अब सरकार की ओर से व्यापारियों की मांगों पर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर रहेगी।