पलेरा, टीकमगढ़। नगर के सांदीपनि शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ विज्ञान शिक्षक दिनेश कुमार सीरोठिया के सेवानिवृत्त होने पर विद्यालय परिवार की ओर से सम्मान एवं विदाई समारोह आयोजित किया गया। अधिवार्षिकी आयु पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उनके लंबे सेवाकाल को याद करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने दिनेश सीरोठिया के 36 वर्षों से अधिक के सेवाकाल और कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा की। सीबी अहिरवार और संतोष खरे ने कहा कि सीरोठिया समय के पाबंद और अनुशासनप्रिय शिक्षक रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देने के साथ संस्कार और अनुशासन का महत्व भी समझाया। शिक्षक कैलाश खरे ने उनके साथ बचपन से जुड़े संस्मरण साझा किए और उनके शिक्षक जीवन की यात्रा को याद किया।
समारोह में विद्यालय की छात्रा आराध्या मिश्रा ने अपने शिक्षक के सम्मान में कविता प्रस्तुत की। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में भावनात्मक माहौल बना दिया। वहीं कवि एवं रेडियो गायक जयहिंद सिंह ने अपनी मधुर आवाज में विदाई पत्र का गायन कर समारोह को विशेष बना दिया। सीरोठिया के बहनोई कृष्णकांत दरोगा, लिधौरा ने भी उनके सामाजिक जीवन और व्यक्तिगत उपलब्धियों को याद करते हुए भावपूर्ण विचार व्यक्त किए।
समारोह में मौजूद जनप्रतिनिधि सुनील खटीक, महेश पटैरिया, राजेश नायक और अभय मोर ने दिनेश सीरोठिया को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने उनके स्वस्थ, सुखद और सफल सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।विद्यालय के शिक्षकों ने भी अपने साथी शिक्षक को शाल, श्रीफल और उपहार देकर सम्मानित किया।
संस्था प्राचार्य महेश रावत ने सीरोठिया के विद्यालय के प्रति समर्पण और उनके मार्गदर्शन को याद किया। उन्होंने कहा कि लंबे सेवाकाल में विद्यार्थियों और विद्यालय के लिए उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है। संस्था की ओर से प्राचार्य महेश रावत, खंड लीडर रामकुमार नायक और गफ्फार खान ने सीरोठिया, उनकी पत्नी साधना सीरोठिया तथा परिजनों का भी शाल और श्रीफल से सम्मान किया।
कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र कुमार जैन और गौरीशंकर यादव ने किया। अतिथियों का स्वागत राजीव जैन, अनिल मिश्रा और अल्का तिवारी ने तिलक एवं पुष्पहार से किया। समारोह के समापन पर शिक्षक साथियों ने गाजे-बाजे के साथ दिनेश सीरोठिया को उनके घर तक पहुंचाकर विदाई दी। लंबे सेवाकाल के बाद सेवानिवृत्ति का यह अवसर विद्यालय परिवार और विद्यार्थियों के लिए भावुक कर देने वाला रहा।