छिंदवाड़ाः शहर के क्लेरिस अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। परिजनों का कहना है कि कमल बघेले को थायरॉइड ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर मनन गोगिया की कथित लापरवाही से उनकी श्वांस नली कट गई।
ऑपरेशन के बाद महिला की हालत अचानक बिगड़ने लगी। जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई, तो आनन-फानन में उन्हें भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद साफ किया कि मरीज की श्वांस नली गंभीर रूप से डैमेज हो चुकी है।
इस वक्त महिला कृत्रिम स्वांस नली के सहारे सांस ले रही है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। मरीज के बेटे आशु बघेले और बेटी अवंतिका बघेले ने अस्पताल और डॉक्टर पर न सिर्फ इलाज में लापरवाही बल्कि लूट और गलत तरीके से इलाज करने के आरोप लगाए हैं।
परिजनों का कहना है कि—
परिजनों ने सोशल मीडिया के जरिए कलेक्टर और मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। जब इस मामले को लेकर अस्पताल के डॉक्टर संचालक डॉक्टर मनन गोगिया से मीडिया की टीम ने बात करनी चाही तो उन्होंने कैमरे पर बात करने से इनकार कर दिया। बताया कि उनके यहां से मरीज स्वस्थ गया था। उनके द्वारा किसी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं की गई।