Home भाग्यफल संकट काल में हर व्यक्ति को ध्यान रखनी चाहिए ये 5 बातें, अपनाएं चाणक्य की ये बातें

संकट काल में हर व्यक्ति को ध्यान रखनी चाहिए ये 5 बातें, अपनाएं चाणक्य की ये बातें

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रिपोर्ट: सत्यम दुबे

नई दिल्ली: आचार्य चाणक्य का नाम आते ही लोगो में विद्वता आनी शुरु हो जाती है। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति और विद्वाता से चंद्रगुप्त मौर्य को राजगद्दी पर बैठा दिया था। इस विद्वान ने राजनीति,अर्थनीति,कृषि,समाजनीति आदि ग्रंथो की रचना की थी। जिसके बाद दुनिया ने इन विषयों को पहली बार देखा है। आज हम आचार्य चाणक्य के नीतिशास्त्र के उस नीति की बात करेंगे, जिसमें उन्होने बताया है कि संकट काल में हर व्यक्ति को ध्यान रखनी चाहिए ये 5 बातें, आइये जानते हैं चाणक्य ककी वो बातें…

सावधानी बरतें: आचार्य चाणक्य नीति शास्त्र में संकट के समय में बताया है कि व्यक्ति को सावधानी बरतनी चाहिए। संकट की घड़ी सबसे बड़ी चुनौती होती है, ऐसे में इस समय छोटी-सी भूल भी बड़ा नुकसान कर सकती है।

प्लानिंग के साथ काम करें: आचार्य चाणक्य ने दूसरी बात बताई है कि अपनी रणनीति से ही नंद वंश को नष्ट किया था। ऐसे में संकट से बाहर निकलने के लिए व्यक्ति का प्लानिंग करना जरूरी है। मुश्किल समय से बाहर आने के लिए व्यक्ति को ठोस रणनीति की आवश्यकता होती है। ऐस में मुश्किल समय में सावधानी के साथ प्लानिंग भी करनी चाहिए।

परिवार की सुरक्षा: आचार्य चाणक्य ने तीसरी बात बताई है कि परिवार की सुरक्षा व्यक्ति का प्रथम कर्तव्य होती है। इसलिए सबसे पहले अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। परिवार के प्रति जिम्मेदारी निभाना जरूरी है। संकट के समय में परिवार को कभी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए।

सेहत का ध्यान: चाणक्य चौथी बात बताई है कि व्यक्ति को मुश्किल समय में अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि विपरीत परिस्थितियों में व्यक्ति का मानसिक व शारीरिक स्वस्थ होना बेहद जरूरी है। ऐसे में संकट के समय विशेष तौर पर स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए।

धन संचय: आचार्य ने अंतिम और पांचवी बात बताई है कि संकट से निकलने के लिए धन का संचय करना जरूरी होता है। उन्होने कहा है कि विपरीत परिस्थितियों में धन ही व्यक्ति का सच्चा मित्र होता है। जिस व्यक्ति के पास धन की कमी होती है, उसके लिए चुनौतियों का सामना करना मुश्किल होता है।

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