रिपोर्ट: सत्यम दुबे
मैनपुरी: यूपी पंचायत चुनाव संपन्न हो गया है, अब चुने गये प्रधानों का शपथ ग्रहण भी धीरे-धीरे हो रहा है। इन सब के बीच पंचायत चुनाव में भी धांधली की खबरें सामने आ रही हैं। पंचायत चुनाव में की गई धांधली की खबर मैनपुरी जिले से सामने आई है। यहां फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे दो प्रत्याशी ग्राम प्रधान बन गये। लेकिन बात में पता चला कि दो प्रधान फर्जी जाति प्रमाण पत्र से ग्राम प्रधान बनें हैं, तो उनके खिलाफ एक्शन लिया गया है। आरोप है कि इन प्रधानों ने फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र के सहारे ये चुनाव जीते थे।
आपको बता दें कि ये दोनो प्रत्याशी अनुसूचित जाति की श्रेणी में नहीं आते बावजूद इसके ये दोनो प्रत्याशी अनुसूचित जाति की श्रेणी का प्रमाण पत्र लगाकर ग्राम प्रधान बन गये। जिसके बाद दो लोगों के जाति प्रमाणपत्र निरस्त किये गए हैं। इस मामले में दो लेखपालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है, एक लेखपाल को निलंबित कर दिया गया, इस प्रकरण के बाद कई ग्राम प्रधानों के खिलाफ भी जांच की जा रही है।
राजाबाबू ने मैनपुरी जनपद की अरसारा ग्राम पंचायत से आवेदन किया था। अरसारा ग्राम पंचायत की प्रधान पद की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। आरोप है कि राजाबाबू ने भी अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवाया और चुनाव मैदान में ताल ठोक दी फिर 50 से ज्यादा मतों से वो जीत भी गए। लेकिन राजाबाबू की यह खुशी ज्यादा समय तक टिक नहीं सकी और विरोधियों ने डीएम से इनके जाति प्रमाण पत्र की शिकायत कर दी। जब जांच हुई तो राजाबाबू उर्फ राजेश अनुसूचित जाति का कोई भी सबूत पेश नही कर पाए और राजाबाबू का डीएम ने जाति प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया।
वहीं मैनपुरी में जीते हुए कई ग्राम प्रधानों के खिलाफ डीएम को फर्जी जाति प्रमाणपत्र के सहारे चुनाव लड़ने की शिकायतें मिली हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने जांच के लिए अधिकारियों की एक टीम गठित की है।
जीएम के आदेश पर जॉच हुई तो कुरावली ब्लॉक के विरसिंहपुर की ग्राम प्रधान पूजा का जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया, जाति छुपाकर अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र बनवाया उसके सहारे उन्होंने चुनाव जीता। पूजा का भी जाति प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया गया। जिस लेखपाल ने यह जाति प्रमाण पत्र बनाया है उसके खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
इसके अलावा फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे ग्राम प्रधान बने कई लोगों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। उनके खिलाफ भी जांच चल रही है। जांच चलने से प्रधानों में हड़कंप मचा हुआ है।