जबलपुर रेलवे मंडल में ट्रेनों में यात्रियों से अवैध वसूली करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने कार्रवाई करते हुए तीन ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो किन्नर का भेष धारण कर यात्रियों से पैसे वसूल रहे थे।
आरपीएफ की टीम को सूचना मिली थी कि कुछ लोग ट्रेनों में किन्नर बनकर यात्रियों को डरा-धमकाकर पैसे मांग रहे हैं। कटनी की ओर से आ रही एक ट्रेन की निगरानी के दौरान संदिग्धों को यार्ड क्षेत्र में उतरते समय पकड़ लिया गया। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं।
आरपीएफ थाना प्रभारी राजीव खराप के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में से दो ने कथित रूप से अपना लिंग परिवर्तन कराया था, जबकि तीसरा आरोपी पूरी तरह से नकली किन्नर निकला। वह केवल साड़ी पहनकर और किन्नरों जैसा व्यवहार कर यात्रियों से पैसे ऐंठने का काम करता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी अक्सर मुख्य प्लेटफॉर्म पर नहीं उतरते थे। वे आउटर क्षेत्र या रेलवे यार्ड में ट्रेन से उतरकर फरार होने की कोशिश करते थे, जिससे उनकी पहचान और गिरफ्तारी मुश्किल हो जाती थी।
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि पिछले छह महीनों के दौरान ट्रेनों में किन्नर का भेष धारण कर अवैध वसूली करने वाले करीब 120 से 130 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी जो केवल भेष बदलकर यात्रियों को गुमराह कर रहे थे।
रेलवे पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे ट्रेनों में इस प्रकार के लोगों या भिखारियों को पैसे देकर प्रोत्साहित न करें। इससे अवैध वसूली की गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी कटनी जिले के निवासी हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।