Home उत्तर प्रदेश एक मरीज के परिजनों ने हाईजैक की दूसरे मरीज को लेने जा रही एंबुलेंस, फिर जो हुआ…

एक मरीज के परिजनों ने हाईजैक की दूसरे मरीज को लेने जा रही एंबुलेंस, फिर जो हुआ…

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रिपोर्ट- पल्लवी त्रिपाठी

लखनऊ : कोरोना महामारी का प्रकोप देशभर में जारी है। इस बीच चिकित्सीय अभाव से स्थिति और बेकार होती जा रही है। ऐसे में लोग अपने परिजनों की जान बचाने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं, चाहे ऐसा करने से किसी के जान पर भी बन आए। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के लखनऊ से सामने आया है। जहाँ एक मरीज के परिजनों ने दूसरे मरीज को लेने जा रही एंबुलेंस को रोक लिया और उस मरीज तक जाने नहीं दिया। परिजनों के इस कदम से दोनों मरीजों की मौत हो गई। 

‘हिंदुस्तान’ में छपी एक रिपोर्ट की मानें तो, सांस लेने में तकलीफ के कारण बालागंज निवासी मरीज विनय कुमार का इलाज यूनीक अस्पताल में चल रहा था। उनके परिजनों ने बताया कि अस्पताल के पास बुधवार को ऑक्सीजन कम पड़ गई। पूरी कोशिश के बावजूद भी जब ऑक्सीजन नहीं मिली, तो अस्पताल ने मरीज को दो घंटे में किसी अन्य अस्पताल में शिफ्ट करने की सलाह दी। इस पर विनय के रिश्तेदार संतोष ने एंबुलेंस के लिए 108 पर कॉल किये। काफी कोशिशों के बाद उनका आवेदन दर्ज हुआ और एंबुलेंस अस्पताल के लिए रवाना होने की सूचना दी गई, लेकिन वो अस्पताल पहुंच नहीं पाई।

जानकारी के मुताबिक, एंबुलेंस के ड्राइवर ने पीड़ित परिवार को सूचना दी कि कुछ ही मिनटों में एंबुलेंस अस्पताल पहुंच जाएगी। हालांकि, इस बीच कैम्पवेल रोड पर लाल मस्जिद और पेट्रोल पम्प के बीच कुछ लोगों ने अचानक एंबुलेंस को रोक लिया। बाइक से आए कई युवकों ने एंबुलेंस को चारों तरफ से घेर लिया और ड्राइवर से चाबी छीन ली। साथ ही उन्होंने महिला मरीज को तुरंत ऑक्सीजन लगाकर ड्राइवर से अस्पताल चलने को कहा। 

एंबुलेंस ड्राइवर ने बताया कि वह लोग महिला को पहले एरा मेडिकल ले गए। फिर दूसरे अस्पतालों में ले गए, लेकिन उसे कहीं भी भर्ती नहीं किया गया। तब तक एंबुलेंस के सिलेंडर का ऑक्सीजन खत्म हो गया और महिला की जान चली गई।

वहीं, जिस मरीज के लिए एंबुलेंस को भेजा गया था। उनके परिजन एंबुलेंस का इंतजार करते रहे। दरअसल, उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं थी कि जिस एंबुलेंस का वो इंतजार कर रहे हैं, उसे रास्ते में रोक लिया गया है। काफी देर इंतजार के बाद जब मरीज विनय के परिजनों ने दोबारा 108 पर कॉल किया, तो करीब 45 मिनट बाद दूसरी एंबुलेंस अस्पताल पहुंची। लेकिन तब तक विनय कुमार की मौत हो चुकी थी। 

बता दें कि देशभर में कई जगहों पर बेड, ऑक्सीजन, इंजेक्शन और एम्बुलेंस की कमी की शिकायतें आ रही हैं। ऑक्सीजन के अभाव में अब तक कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। हालांकि, चिकित्सीय उपकरणों की किल्लत को दूर करने की कोशिश की जा रही है। 

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