इंदौरः भारतरत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर डॉ. अंबेडकर नगर में आयोजित कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि सरकार का मुखिया होने के नाते से डॉ. भीमराव अंबेडकर भारतरत्न के जन्म स्थान पर आना यह अपने आप में सौभाग्य की बात है। हमें इस बात का भी गर्व है कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने जीवनभर जिन बातों को लेकर अपनी यात्रा प्रारंभ की।
आजादी के पहले देश के अंदर सामाजिक समरसता को लेकर हमारे दलित, पिछड़े, शोषित वर्ग के लोगों के अधिकारों को लेकर जिस प्रकार से लड़ाई लड़ी गई और उसका परिणाम आया कि आजादी के बाद संविधान के माध्यम से सभी वर्गों को समान रूप से लेकर चलने के लिए उस अमर ग्रंथ की रचना डॉ. भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में हुई और भारत ने वह संविधान अपनाया। यह भी एक कटु सत्य है कि अंबेडकर की जो भावना रही वह सदैव स्त्री पक्ष को मजबूत करने की रही। प्रसूताकाल अवकाश, समानता की दर देने, कई प्रकार के कल्याण के कामों में, यहां तक कि हिंदू धर्म की दृष्टि से बहनों को उनके माता-पिता की संपत्ति में उनका हक दिलाना या तलाक के समय उनको गुजारा भत्ते का हक दिलाना ये सब डॉ. भीमराव अंबेडकर की दूरदृष्टि थी। जिसके कारण पूरा देश सदैव पूरा देश स्मरण करता है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंबेडकर के भाव को आगे बढ़ाते हुए महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर बहनों को उनका लोकसभा व विधानसभा में पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने जा रहे हैं। 21वीं शताब्दी का यह सबसे बड़ा निर्णय अंबेडकर की जयंती से जोड़कर देखा जाना चाहिए। हम सब डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर स्मरण करें। कांग्रेस का तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस पश्चताप करे। क्योंकि कांग्रेस के लोगों ने उनके कदम-कदम पर छल किया। उन्हें चुनाव लड़कर जीतकर लोकसभा नहीं जाने दिया। बाबा साहब की आत्मा कभी कांग्रेस के लोगो को कभी माफ नहीं करेगी।