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जांच रिपोर्ट आई सामने,आगरा के पारस हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई थी कोई मौत

By RNI Hindi Desk 
Updated Date

रिपोर्ट:सत्यम दुबे
आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में स्थित पारस हॉस्पिटल काफी सुर्खियों में है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो वायरल होने के बाद काफी हंगामा हुआ था। प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए, हॉस्पिटल को सील कर दिया था। इसके साथ ही जांच के आदेश भी दिए थे। जांच रिपोर्ट सामने आई है।

आपको बता दें कि जाँच रिपोर्ट में बताया गया है, जिस कथित वायरल वीडियो के आधार पर ऑक्सीजन की कमी से 22 मरीजों की मौत का दावा किया गया था, वह सही नहीं है। हॉस्पिटल में मॉक-ड्रिल के दौरान हुई मरीजों की मौत के बाद 6 मिनट के चार वीडियो वायरल हुए थे।

कथित वायरल वीडियो में हॉस्पिटल संचालक डॉ अरिंजय जैन को यह कहते हुए सुना गया था कि ऑक्सीजन की कमी है, इसलिए मॉक ड्रिल कर ली जाए और इसके बाद 22 मरीज ‘छंट गए’।
वही 26 अप्रैल की कहानी बयां करने वाले वीडियो में 22 मरीजों के हाथ पैर नीले पड़ने की बात भी अरिंजय जैन ने कही थी। वायरल वीडियो में हॉस्पिटल संचालक के 22 मरीजों के छंटने के कथन का तात्पर्य लोगों ने मौत से लगाया था, जिसके बाद उत्तर प्रदेश में हड़कंप मच गया था।

इस मामले में मजिस्ट्रेट जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सामने आ गई है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑक्सीजन की कमी से पारस हॉस्पिटल में किसी की भी मौत नहीं हुई थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में पारस हॉस्पिटल समेत सभी अस्पतालों में उपलब्ध था। साथ ही जांच रिपोर्ट में यह भी जिक्र किया गया है कि पारस हॉस्पिटल के संचालक किसी भी कीमत पर ऑक्सीजन देने के लिए परेशान हैं, यह बात वायरल वीडियो में उन्होंने खुद कही है।

आपको बता दें कि रिपोर्ट में 16 मरीजों की मौत का जिक्र करते हुए उनकी लिस्ट भी पेश की गई है, इसमें कहा गया है कि 14 मरीजों की हालत अत्यंत गंभीर थी। इनमें 8 मरीज वेंटीलेटर पर पर थे।
इसके साथ ही यह भी साफ हो गया है कि भले ही 22 मौतें नहीं हुई हों और ऑक्सीजन की कोई कमी न रही हो लेकिन 16 मौतें जरूर हुई हैं।

कथित वीडियो वायरल होने के बाद पारस हॉस्पिटल को सील किया जा चुका है। हॉस्पिटल का लाइसेंस भी निलंबित हो चुका है और हॉस्पिटल के लाइसेंस के मामले की जांच स्वास्थ्य विभाग की कमेटी कर रही है। इस प्रकरण में पारस हॉस्पिटल को ऑक्सीजन की कमी का भ्रम फैलाने का दोषी पाया गया था।

जिसके बाद महामारी एक्ट के तहत आगरा के थाना न्यू आगरा में एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है। एडीएम सिटी की अध्यक्षता वाली जांच कमेटी ने पुलिस से कहा है कि दर्ज FIR की जल्द से जल्द विवेचना करके चार्जशीट दाखिल की जाए।

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