मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पशुपतिनाथ लोक के लोकार्पण के अवसर पर संबोधन देते हुए कहा कि यह परियोजना केवल एक धार्मिक परिसर नहीं, बल्कि सनातन आस्था, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पशुपतिनाथ लोक के निर्माण से प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी और श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित, दिव्य और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पशुपतिनाथ महादेव का यह पावन धाम देश-विदेश में आस्था का प्रमुख केंद्र है। पशुपतिनाथ लोक के माध्यम से मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं की सुविधा, दर्शन व्यवस्था और धार्मिक वातावरण को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने कहा कि यह लोक महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित किया गया है, जिससे मध्यप्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान और मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपतिनाथ लोक न केवल श्रद्धालुओं के लिए सुविधा का केंद्र बनेगा, बल्कि इससे स्थानीय रोजगार, पर्यटन, हस्तशिल्प और सेवा क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प है कि मध्यप्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाए, ताकि आस्था के साथ-साथ विकास भी सुनिश्चित हो। उन्होंने विश्वास जताया कि पशुपतिनाथ लोक आने वाले समय में देश के प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन स्थलों में अपना विशिष्ट स्थान बनाएगा और सनातन संस्कृति के संदेश को दूर-दूर तक पहुंचाएगा।