रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस समय प्रशासन को लेकर काफी सख्त हो गये हैं। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कई बार मंच से भी एलान कर चुके हैं, कि जिस भी अधिकारी के काम में लापरवाही सामने आयेगी, उसके तत्काल इसका भूगतान करना पड़ेगा। जबकि दूसरी और अपने बयान के लिए पहचाने जाने वाले मध्य प्रदेश के गृहमंत्री, मुख्यमंत्री से भी एक कदम आगे निकल गये।
दरअसल, रविवार को गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा दतिया दौरे पर गये थे। गृहमंत्री पात्रता पर्ची वितरण कार्यक्रम में गये थे, जहां पर वो अपने क्षेत्र की जनता की शिकायतें सुनते हुए उनको संबोधित करते दिखे। इसी दौरान कुछ लोगों ने अपने इलाके के तहसीलदार के खिलाफ पर्ची वितरण में लापरवाही की शिकायत की।
शिकायत मिलने के बाद गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने तहसीलदार को पुकार रहे थे, लेकिन तहसीलदार उनकी आवाज सुनकर सामने नहीं आये। उसके बाद गृहमंत्री तत्काल एक्शन में आ गये, और लापरवाही बरतने वाले बड़ोनी तहसीलदार सुनील वर्मा के अनुपस्थित रहने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।
जिसके बाद कार्यक्रम में मौजूद जनता ने गृहमंत्री के इस एक्शन पर तालियां बजाईं। लेकिन दूसरी तरह जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
कार्यक्रम समाप्त होने नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि “समाज के वंचित व कमजोर वर्गों के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के अमल में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।“ जबकि उन्होने अधिकारियों को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर गरीब लोगों के काम में किसी ने भी इस तरह से लापरवाही बरती तो वह सावधान हो जाए। अधिकारी कोई भी हो, किसी भी पद पर हो जनहित के कामों में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। गृहमंत्री के इस कदम से प्रशासनिक महकमें में हड़कंप मच गई है।