Home क्राइम दिल्ली में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा, करोड़ों की हो रही थी ठगी

दिल्ली में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा, करोड़ों की हो रही थी ठगी

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रिपोर्ट- पल्लवी त्रिपाठी

दिल्ली : आजकल फर्जीवाड़े की खबरें आम हो गयी है । आए दिन किसी न किसी फर्जीवाड़े की खबरें आती ही रहती है । इसी बीच एक मामला देश की राजधानी दिल्ली से सामने आया है । जहां लोगों के साथ फर्जीवाड़े के लिए बकायदा फर्जी कॅाल सेंटर खोला गया था । पुलिस ने फर्जी कॅाल सेंटर का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करलिया है ।

दिल्ली के ईस्ट दिल्ली इलाके में चल रहे इस फर्जी कॅाल सेंटर का खुलासा दिल्ली पुलिस ने किया है । इस कॅाल सेंटर के जरिए ठगों ने अब तक सैकड़ों लोगों से करोड़ों का फर्जीवाड़ा किया है । बता दें कि आरोपी ऑनलाइन शॅापिंग की मशहूर कंपनी अमेजन की टेक्निकल टीम का हिस्सा बताकर यह गैंग अमेरिकी नागरिकों से ठगी कर रहा था । पुलिस ने इस मामले में 18 लड़के व 3 लड़कियों को मौके से गिरफ्तार किया है । हालांकि, इस फर्जीवाड़े के तीन मुख्य आरोपी की तलाशी की जा रही है ।

पुलिस को मौके से 24 डेस्क टॉप और 38 मोबाइल बरामद किए हैं । बताया जा रहा है कि यहां सस्ते रेट पर सामान बेचने का ऑफर देकर लोगों से ठगी की जा रही थी ।

डीसीपी ईस्ट दीपक यादव ने मामले को लेकर बताया कि स्पेशल स्टाफ को 8 अप्रैल को प्रीत विहार के स्कोप मिनार के करीब डीडीए कॉम्प्लेक्स में अमेजन कंपनी के नाम पर फर्जी कॉल सेंटर चलने की खबर मिली थी । इंस्पेक्टर सतेंद्र खारी, एसआई निहित, एएसाई अमित कुमार, शैलेश, प्रमोद, एचसी महेंद्र और सिपाही अनुज की टीम बनाई गई । टीम ने गुरुवार रात करीब 11 बजे छापेमारी कर मैनेजर, सुपरवाइजर्स और ऑपरेटर्स को हिरासत में लिया । आरोपी अमेजन के नाम पर सर्विस देने का झांसा देकर अमेरिकी नागरिकों से ठगी कर रहे थे ।

डीसीपी ने आगे बताया कि पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है । आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वो लोगों को अमेज़न टेक्निकल सपोर्ट टीम का हिस्सा होने का झांसा देते थे । पहले वह अपने शिकार को रिकॉर्डेड मैसेज भेजते थे, उसके बाद उनसे कहते कि उनके अकाउंट से अवैध खरीदारी हुई है ।

उन्होंने बताया कि इस कॉल सेंटर को चलाने वाले तीनों आरोपी इंटरव्यू के दौरान भर्ती किए जाने वाले कैंडिडेट की अंग्रेजी की पड़ताल करते थे । वहीं, जरूरत पड़ने पर उनको अंग्रेजी बोलने की ट्रेनिंग भी दी जाती थी । ट्रेनिंग ऐसे दी जाती थी कि उनका एक्सेंट अमेरिकन हो । एक कॉलर को औसतन 25 से 30 हजार रुपए, जबकि टीम लीडर को 50 से 60 हजार रुपए सैलरी दी जाती थी ।

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