रिपोर्ट: सत्यम दुबे
जबलपुर: कोरोना के दूसरे लहर के कहर से देश में हाहाकार मचा हुआ है, मरीज बिना ऑक्सीजन और दवाइयों के अपनी जान गंवा रहे हैं। सरकारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती कोरोना के चेन को तोड़ना हो गया है। कोरोना हाहाकार के बीच मध्य प्रदेश से दिल दहला देने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर आपके भी होश उड़ जायेंगे। यहां एक पिता को अपनी बेटी का शव पोस्टमार्टम कराने के लिए खाट पर लेकर 25 किलोमीटर तक पैदल लेकर जाना पड़ा। हद तो तब हो गई जब पुलिस ने न तो कोई मदद की और ना ही कोई वाहन उपलब्ध कराया।
दिल दहला देने वाला यह मामला जबलपुर जिले के निवास पुलिस चौकी क्षेत्र के गड़ई गांव का है। आपको बता दें कि गांव के धिरपति प्रसाद गोंड की 16 वर्षीय बेटी पार्वती ने घर पर फांसी लगाकर जान दे दी थी। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निवास भेजने का निर्णय लिया। वहीं शव को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए वाहन न मिलने से मजबूरन मृतका के पिता को खाट पर बेटी के शव रखकर ले जाना पड़ा। पिता ने बेटी के शव को खाट पर लेकर पोस्टमार्टम कराने गांव से 25 किलोमीटर दूर निवास कस्बा जाना पडा।
पिता धिरपति ने बताया कि हम गुहार लगाते रहे, लेकिन हमारी किसी ने नहीं सुनी। इसलिए मजबूरी में शव को इस तरह लेकर आ गए। मानवता को झकझोर देने वाला मामला जब SP सिंगरौली वीरेंद्र कुमार सिंह के संज्ञान में आया तो उन्हेने जॉच के निर्देश दे दिये। उन्होने बताया कि मेरे संज्ञान में यह मामला अभी आया है। मैंने मामले की जांच के निर्देश दे दिए हैं। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।