रिपोर्ट: नंदनी तोदी
नई दिल्ली: केंद्र के कृषि कानून को लेकर दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन की आग थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच सिंघु बॉर्डर से एक भयानक दृश्य सामने आया हैं। दरअसल, दिल्ली के लाल क़िले में 26 जनवरी हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद स्थानीय लोगों ने आंदोलनकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसान आंदोलन के चलते लोगों के कारोबार ठप हो रहे हैं।
इसी बीच जब सिंघु बॉर्डर पर स्थानीय लोगों ने वहां प्रदर्शनकारियों को जगह खाली करने को कहा, तो प्रदर्शनकारियों और स्थानीय लोगों के बीच झड़प हो गई। यहां तक कि दोनों ही पक्षों के बीच जबरदस्त गरमा गर्मी के साथ पथरावबाजी हुई।
आपको बता दें, शुक्रवार की सुबह से ही स्थानीय लोग प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आवाज़ उठा रहे थे। लोगों ने नारेबाजी की कि ‘तिरंगे का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’। इसी नारे के साथ ही स्थानीय लोग प्रदर्शनकारी किसानों से हाइवे खाली की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने बचाव की कोशिश भी की लेकिन स्थिति को बिगड़ता देख लाठीचार्ज करना पड़ गया औरसाथ ही आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पडे। इसी के चलते तीनों पक्षों के बीच झड़प हुई जिसमें कई लोग घायल हो गए। वहीं कुछ पुलिसकर्मियों को भी गंभीर चोटें लगी हैं। इनमें अलीपुर थाने के एसएचओ भी शामिल हैं जिनपर किसी ने तलवार से हमला किया है।